भोपाल. मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन विभाग में सामग्री खरीद के दौरान हुई अनियमितता को अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने पहले खुद उजागर किया। इसके बाद इसमें शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ा एक्शन लिया गया। कुल 392 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। एसीएस संजय दुबे ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य गुड गवर्नेंस की स्थापना के साथ-साथ आम जनता को राहत देना है। वे लापरवाही और अनियमितता को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। राज्य सरकार जन-कल्याण के लिए हर क्षण प्रतिबद्ध है और मोहन सरकार का लक्ष्य गुड गवर्नेंस स्थापित करना है।
सात अधिकारियों को नौकरी से बर्खास्त
संजय दुबे नगरीय शासन विभाग के अपर मुख्य सचिव हैं। उन्होंने नगरीय निकायों में की जा रही लापरवाही और अनियमितता को लेकर बताया कि सात अधिकारियों-कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया है। इन अधिकारियों-कर्मचारियों से 3-4 करोड़ रुपये की वसूली भी की जा चुकी है। गलत दरों पर सामान उपलब्ध कराने वाले 80 से ज्यादा ठेकेदारों-सप्लायर्स के विरुद्ध भी कार्रवाई की गई है। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार और लापरवाही के खिलाफ सरकार की कठोर नीति को दर्शाती है। विभाग में पारदर्शिता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
392 कर्मियों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई
एसीएस संजय दुबे ने कहा कि कार्रवाई की यह प्रक्रिया पहले भी जारी थी और निरंतर जारी है। आज की तारीख में अलग-अलग स्तर के 392 अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। इनमें से 135 चीफ म्यूनिसिपल ऑफिसर स्तर के अधिकारी शामिल हैं। जिसकी जितनी बड़ी अनियमितता या लापरवाही थी उसके विरुद्ध उसी अनुपात में कार्रवाई की गई। कुछ लोगों से वसूली की गई, कुछ की वेतन वृद्धि रोक दी गई, कुछ को डिमोट किया गया और कुछ को बर्खास्त कर दिया गया। यह व्यापक कार्रवाई व्यवस्था सुधार की दिशा में मजबूत कदम है।
विभिन्न स्तरों पर की गई कार्रवाइयां
कार्रवाई में केवल बर्खास्तगी तक ही सीमित नहीं रखा गया। कई अधिकारियों की वेतन वृद्धि रोक दी गई है तो कुछ को पदोन्नति से वंचित कर डिमोट किया गया है। वित्तीय अनियमितताओं में शामिल लोगों से वसूली की प्रक्रिया भी तेज की गई है। 80 से अधिक ठेकेदारों और सप्लायर्स के खिलाफ अलग से कार्रवाई दर्ज की गई है जिन्होंने गलत दरों पर सामग्री उपलब्ध कराई थी। इन कदमों से नगरीय निकायों में खरीद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने का प्रयास किया जा रहा है। लापरवाही बर्दाश्त न करने का संदेश स्पष्ट रूप से दिया गया है।
गुड गवर्नेंस और जनहित पर जोर
एसीएस संजय दुबे ने जोर देकर कहा कि उनका उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं बल्कि गुड गवर्नेंस की स्थापना करना और आम जनता को राहत देना है। नगरीय निकायों में अनियमितताओं के कारण जनता को होने वाली परेशानी को दूर करना प्राथमिकता है। राज्य सरकार जन-कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और मोहन सरकार गुड गवर्नेंस को मजबूत करने पर निरंतर काम कर रही है। अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि लापरवाही और भ्रष्टाचार पर कठोर कार्रवाई होगी। इससे प्रशासन में जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है।
भविष्य में निरंतर निगरानी और सुधार
एसीएस संजय दुबे ने बताया कि कार्रवाई की प्रक्रिया जारी रहेगी और भविष्य में भी अनियमितताओं पर नजर रखी जाएगी। नगरीय प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए नियमित समीक्षा की जाएगी। गलत प्रवृत्तियों को जड़ से खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है। आम नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के लक्ष्य के साथ सुधारों को आगे बढ़ाया जाएगा। इस कार्रवाई से न केवल दोषियों पर अंकुश लगा है बल्कि अन्य अधिकारियों के लिए भी उदाहरण प्रस्तुत हुआ है कि लापरवाही की कोई जगह नहीं है।