भोपाल - मध्य प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस की ओर से SIR को लेकर विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इसी मुद्दे पर मध्य प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी को चुनावी हार की समीक्षा अपने नेतृत्व और संगठन के स्तर पर करनी चाहिए, न कि इसके लिए दूसरों को जिम्मेदार ठहराना चाहिए।
‘लगातार चुनाव हार रही कांग्रेस’
भोपाल में मीडिया से बातचीत के दौरान हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि कांग्रेस लगातार चुनावों में हार का सामना कर रही है। उनके मुताबिक, ऐसी स्थिति में पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को अपने नेतृत्व पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के चुनाव हारने पर उसे पहले अपने प्रदर्शन और कमियों की समीक्षा करनी चाहिए। खंडेलवाल ने कांग्रेस के SIR को लेकर किए जा रहे विरोध को इसी राजनीतिक संदर्भ से जोड़ते हुए सवाल उठाया।
SIR को लेकर क्या बोले खंडेलवाल?
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण कोई नई प्रक्रिया नहीं है और चुनाव आयोग लंबे समय से इस तरह का काम करता रहा है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के शासनकाल में भी मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया होती रही है। खंडेलवाल ने कहा कि यदि मतदाता सूची से फर्जी नाम, दोहरे नाम या मृत व्यक्तियों के नाम हटाए जाते हैं तो इसमें आपत्ति का कारण नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि किसी ऐसे व्यक्ति का नाम सूची में दर्ज था, जो मतदान के लिए पात्र नहीं था, तो उसे हटाने की प्रक्रिया का विरोध क्यों किया जा रहा है।
कांग्रेस कर रही SIR का विरोध
मध्य प्रदेश में SIR को लेकर कांग्रेस लगातार सवाल उठा रही है। 25 सितंबर को सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक, मध्य प्रदेश कांग्रेस ने SIR के तहत मतदाता सूची में हुए बदलावों को लेकर 28 सितंबर को राज्य निर्वाचन कार्यालय का घेराव करने का ऐलान किया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने 34.25 लाख हटाए गए नामों का विधानसभा, जिला और कारणवार विवरण सार्वजनिक करने की मांग की है। इससे पहले 24 सितंबर को यूथ कांग्रेस ने भोपाल में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन भी किया था। प्रदर्शन के दौरान निर्वाचन आयोग और SIR से जुड़े मुद्दों को लेकर नारेबाजी की गई।
‘विदेशी नागरिकों’ वाले बयान पर भी उठाए सवाल
हेमंत खंडेलवाल ने अपने बयान में यह भी कहा कि यदि मतदाता सूची से ऐसे विदेशी नागरिकों के नाम हटाए जा रहे हैं, जो मतदान के पात्र नहीं हैं, तो कांग्रेस इसका विरोध क्यों कर रही है। उन्होंने इस संबंध में कांग्रेस की आपत्ति पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस पूरे मामले की वजह वही नेता बता सकते हैं जो इसका विरोध कर रहे हैं। हालांकि, यह बयान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की राजनीतिक प्रतिक्रिया है। SIR को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने मतदाता सूची से पात्र मतदाताओं के नाम हटने की आशंका और प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़े सवाल उठाए हैं।
चुनाव आयोग की भूमिका पर जारी बहस
चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर SIR-2026 से जुड़ी मतदाता सूची और नाम खोजने जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। आयोग चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची के प्रशासन के लिए संवैधानिक संस्था है। फिलहाल मध्य प्रदेश में SIR को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। कांग्रेस जहां प्रक्रिया में पारदर्शिता और हटाए गए नामों का विवरण सार्वजनिक करने की मांग कर रही है, वहीं भाजपा इसे मतदाता सूची को दुरुस्त करने की प्रक्रिया के तौर पर पेश कर रही है।