Bhopal | मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। दिन में तेज धूप के कारण गर्मी और उमस महसूस हो रही है, जबकि शाम और रात के समय तापमान गिरने से हल्की ठंड का एहसास होने लगा है। पिछले कुछ दिनों में न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। इंदौर, भोपाल, विदिशा, धार, उज्जैन और पचमढ़ी समेत प्रदेश के कई इलाकों में मौसम का मिजाज बदल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, अक्टूबर में दिन और रात के तापमान में अंतर महसूस हो सकता है। हालांकि, बारिश और आंधी-तूफान को लेकर किसी भी जिले का पूर्वानुमान जानने के लिए IMD की ताजा जिला स्तरीय चेतावनी देखना जरूरी है।
दिन में गर्मी, रात में ठंड का एहसास
मानसून की विदाई के बाद प्रदेश में दिन के समय धूप तेज रहने से गर्मी महसूस हो रही है। वहीं, सूर्यास्त के बाद तापमान कम होने से मौसम अपेक्षाकृत सुहावना हो जाता है। इंदौर में न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किए जाने की जानकारी उपलब्ध कराए गए आंकड़ों में दी गई है। वहीं, बड़वानी जिले के तालुन में अधिकतम तापमान 37.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज होने का उल्लेख है। तापमान में इस अंतर के कारण सुबह और रात के समय हल्के गर्म कपड़ों की जरूरत महसूस हो सकती है, जबकि दोपहर में गर्मी से बचाव करना जरूरी रहेगा।
मुरैना, भिंड, ग्वालियर और दतिया के मौसम पर नजर
उपलब्ध जानकारी में 11 अक्टूबर को मुरैना, भिंड, ग्वालियर और दतिया में गरज-चमक, वज्रपात और हल्की बारिश की संभावना के साथ येलो अलर्ट का दावा किया गया है। हालांकि, IMD भोपाल की 11 अक्टूबर की आधिकारिक संभागीय चेतावनी में पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश के लिए कोई चेतावनी दर्ज नहीं है। इसलिए इन चार जिलों में येलो अलर्ट की पुष्टि फिलहाल उपलब्ध आधिकारिक जानकारी से नहीं होती। मौसम से जुड़े अपडेट के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी जिला स्तरीय चेतावनियां देखें।
भोपाल और इंदौर में कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी भोपाल और आर्थिक राजधानी इंदौर में दिन के समय धूप और गर्मी का असर महसूस हो सकता है। शाम के समय तापमान में गिरावट से कुछ राहत मिल सकती है। इंदौर के लिए 11 अक्टूबर के एक प्रकाशित मौसम पूर्वानुमान में आसमान साफ रहने और अधिकतम तापमान लगभग 34 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना बताई गई है। मौसम की स्थानीय परिस्थितियों में बदलाव संभव है। इसलिए बाहर निकलने से पहले अपने शहर का ताजा पूर्वानुमान देखना बेहतर रहेगा।
मध्य प्रदेश से कब हुई मानसून की विदाई?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस साल मध्य प्रदेश में मानसून ने 24 जून को दस्तक दी थी और 3 अक्टूबर को इसकी विदाई हुई। मानसून लगभग 100 दिनों तक सक्रिय रहा। इस मानसून सीजन में प्रदेश में कुल 908.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज होने का आंकड़ा दिया गया है, जो सामान्य से लगभग 4 प्रतिशत कम बताई गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से अधिक और पश्चिमी हिस्से में कम बारिश होने की जानकारी भी दी गई है। हालांकि, इन आंकड़ों और जिलेवार बारिश की स्थिति को प्रकाशित करने से पहले मौसम विभाग के आधिकारिक मौसमी रिकॉर्ड से मिलान करना उचित होगा।
मौसम बदलने पर इन बातों का रखें ध्यान
- दोपहर में तेज धूप से बचें और पर्याप्त पानी पिएं।
- सुबह और रात में तापमान कम होने पर जरूरत के अनुसार कपड़े पहनें।
- गरज-चमक की स्थिति में खुले मैदान और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।
- मौसम विभाग की चेतावनी जारी होने पर स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
- बारिश या आंधी का पूर्वानुमान होने पर यात्रा से पहले मौसम की ताजा जानकारी लें।