दिल्ली-एनसीआर और उत्तरप्रदेश समेत उत्तर भारत में बारिश थमने का नाम नहीं ले रही है। मानसून के सक्रिय हो जाने से मैदानी क्षेत्रों और पहाड़ों पर जमकर बरसात हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने अवदाब के बाद 11-14 सितंबर के दौरान पूर्वी मध्यप्रदेश के अलग-अलग इलाकों में भारी से बहुत भारी बरसात होने की संभावना है।
पश्चिम मध्यप्रदेश में 11 सितंबर को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा तो कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है। विदर्भ में भी बुधवार को बारिश की भविष्यवाणी की गई है। दक्षिण उत्तर प्रदेश में अगले 3 दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
वहीं, लगातार हो रही वर्षा से छत्तीसगढ़ के बस्तर में नदी-नाले उफान पर हैं। यहां इंद्रावती और सबरी नदियां खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं। इंद्रावती-गोदावरी नदी संगम के पास 40 से अधिक गांव पानी से टापू बन गए हैं।
दिल्ली-एनसीआर और उत्तरप्रदेश समेत उत्तर भारत में बारिश थमने का नाम नहीं ले रही है। मानसून के सक्रिय हो जाने से मैदानी क्षेत्रों और पहाड़ों पर जमकर बरसात हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने अवदाब के बाद 11-14 सितंबर के दौरान पूर्वी मध्यप्रदेश के अलग-अलग इलाकों में भारी से बहुत भारी बरसात होने की संभावना है।
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