रायपुर: राजधानी रायपुर में पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान "ऑपरेशन निश्चय" के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने मेडिकल दवाइयों की आड़ में प्रतिबंधित नशीली टेबलेट की सप्लाई करने वाले एक संगठित सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में कुल 17,808 नग प्रतिबंधित नशीली टेबलेट, एक गाड़ी और मोबाइल जब्त किए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई जा रही है।
पुलिस ने गिरफ्तार किए 5 आरोपी
इस मामले में पुलिस ने चार मेडिकल स्टोर संचालकों और एक मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (एम.आर.) सहित कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये सभी आरोपी रायपुर के पुरानी बस्ती, टिकरापारा, खमतराई और धरसींवा थाना क्षेत्रों में स्थित मेडिकल दुकानों से अवैध रूप से नशीली टेबलेट की बिक्री कर रहे थे।
सूचना मिलने पर की गई कार्रवाई
एंटी क्राइम एवं साइबर यूनिट को सूचना मिली कि पुरानी बस्ती के कुशालपुर स्थित रत्ना मेडिकल स्टोर में बिना वैध दस्तावेजों के प्रतिबंधित दवाइयों की बिक्री हो रही है। पुलिस ने टेस्ट पर्चेस कर इसकी पुष्टि की और तत्काल रेड करके स्टोर संचालक को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सप्लाई चेन का खुलासा हुआ और इसके बाद अन्य तीन मेडिकल स्टोरों पर एक साथ दबिश दी गई। जांच में यह सामने आया कि नशीली टेबलेट जबलपुर से कोरियर और बस ट्रांसपोर्ट के माध्यम से रायपुर मंगाई जा रही थीं।
नारकोटिक एक्ट के तहत मामला दर्ज
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ पुरानी बस्ती थाना में नारकोटिक एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई पुलिस के लिए नशे के खिलाफ जारी मुहिम की बड़ी कामयाबी मानी जा रही है।
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