रायपुर: छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले को लेकर सियासत में घमासान तेज हो गया है। बीजेपी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर आरोप लगाया है कि उन्होंने जानबूझकर आदिवासी नेता कवासी लखमा को फंसाया है, जबकि भूपेश बघेल ने बीजेपी और केंद्रीय एजेंसियों को कटघरे में खड़ा किया। दोनों दलों के आरोप-प्रत्यारोप ने प्रदेश की राजनीति को और गरमाया है।
कवासी लखमा से मुलाकात के बाद भूपेश बघेल ने लगाए गंभीर आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रायपुर सेंट्रल जेल पहुंचे और उन्होंने जेल में बंद पूर्व मंत्री कवासी लखमा से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद बघेल ने मीडिया से बातचीत में गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियां जानबूझकर लखमा को जेल में रखने की साजिश कर रही हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जानबूझकर सुप्रीम कोर्ट में समय पर जवाब दाखिल नहीं किया, जिसका परिणाम यह हुआ कि 17 दिसंबर को फैसला नहीं आ सका। बघेल ने दावा किया कि एजेंसियां राजनीतिक दबाव में काम कर रही हैं।
भूपेश बघेल ने बेटे की जमानत पर भी उठाए सवाल
अपने बेटे चैतन्य बघेल की जमानत पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि उनके बेटे को कोर्ट से जमानत मिली है, न कि किसी दबाव या सिफारिश से। उन्होंने कहा, "अगर मेरा बस चलता, तो मेरा बेटा जेल नहीं जाता, लेकिन कोर्ट ने एजेंसियों को फटकार लगाई और जमानत दी।"
बीजेपी पर हमला: "कवासी लखमा को एक साल से क्यों जेल में रखा?"
भूपेश बघेल ने बीजेपी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, "अगर कवासी लखमा निर्दोष हैं, तो फिर EOW और ED की कार्रवाई क्यों जारी है?" उन्होंने बीजेपी नेताओं को घड़ियाली आंसू बहाने की बजाय कोर्ट में जवाब देने की सलाह दी।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव का बयान
भूपेश बघेल की जेल मुलाकात पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह बघेल का व्यक्तिगत निर्णय था, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि जिस तरह से एक निर्दोष आदिवासी नेता के साथ अन्याय हुआ है, वह पूरे छत्तीसगढ़ की जनता ने देखा है।
सियासी बयानबाजी से गरमाई राजनीति
बीजेपी और कांग्रेस के बीच आदिवासी नेता कवासी लखमा के मामले में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी ने कांग्रेस पर लखमा को फंसाने का आरोप लगाया है, वहीं कांग्रेस ने बीजेपी पर राजनीतिक दबाव बनाने का आरोप लगाया। दोनों दलों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच यह मामला आगामी दिनों में और बड़ा सियासी संघर्ष बनता नजर आ रहा है।
Comments (0)