पंजाब: अमृतसर के अजनाला में गुरुवार को वारिस पंजाब दे (Waris Punjab De) के अध्यक्ष स्वघोषित धार्मिक नेता और खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह (Amritpal Singh) के समर्थकों और पुलिस के बीच जमकर हाथापाई हो गई। दरअसल ये लोग संगठन के प्रमुख अमृतपाल सिंह के करीबी लवप्रीत सिंह तूफान की गिरफ्तारी का विरोध कर रहे थे। बता दें कि हमलावरों के दवाब में आकर पुलिस ने आरोपी लवप्रीत को रिहा करने की घोषणा कर दी है।
अमृतपाल के समर्थकों का प्रदर्शन
अमृतपाल के सहयोगी को गिरफ्तार करने के खिलाफ बड़ी संख्या में समर्थक गुरुवार सुबह से ही अजनाला में पुलिस स्टेशन के सामने प्रदर्शन करने के लिए इकट्ठा हो गए थे। पुलिस ने अमृतपाल और उसके साथियों को अजनाला थाने तक पहुंचने से रोकने के लिए कड़ी बैरिकेडिंग कर रखी थी, साथ ही अजनाला में पांच जिलों की पुलिस की भी तैनाती की गई थी।
बता दें कि दुबई से लौटे अमृतपाल सिंह (Amritpal Singh) अभिनेता और कार्यकर्ता दीप सिद्धू द्वारा स्थापित 'वारिस पंजाब दे' संगठन के प्रमुख हैं, जिनकी पिछले साल फरवरी में एक सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी।
Amritpal Singh का बयान
वारिस पंजाब डी' के प्रमुख अमृतपाल सिंह ने कहा, "केवल एक राजनीतिक मकसद से केस दर्ज किया गया है। यदि वे एक घंटे में मामले को रद्द नहीं करते हैं, तो आगे जो कुछ भी होगा उसके लिए प्रशासन जिम्मेदार होगा। उन्हें लगता है कि हम कुछ नहीं कर सकते, इसलिए यह शक्ति प्रदर्शन जरूरी था"
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क्या है मामला
अमृतपाल के अनुयायियों ने अमृतपाल के खिलाफ सोशल मीडिया पर टिप्पणी करने वाले एक युवक को किडनैप करने के बाद उसे बुरी तरह पीटा था। इस मामले में अमृतपाल समेत उसके 30 समर्थकों के खिलाफ केस दर्ज है। इसी केस में पुलिस ने तूफान सिंह को गिरफ्तार किया था। हालांकि अमृतपाल ने अपने और अपने अनुयायियों के ऊपर लगे सभी दावों का खंडन किया था।
इतना ही नहीं अमृतपाल सिंह ने हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धमकी देते हुए कहा था कि उनका भी वही हाल होगा जो पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का हुआ था। लेकिन बुधवार को अमृतपाल पलट गया और कहने लगा कि गृह मंत्री अमित शाह उसे मरवाना चाहते हैं।
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