Flower Vally - जोशीमठ के लोकपाल घाटी में मौजूद यूनेस्को की विश्व प्राकृतिक धरोहर का दर्जा प्राप्त वियावान फूलों की घाटी नेशनल पार्क क्षेत्र में इस वर्ष ग्लोबल स्तर पर मौसम में आए बदलाव के कारण कम बर्फबारी रिकॉर्ड की गई है। (Flower Vally ) इसका असर आने वाले सीजन में इस राष्ट्रीय उद्यान में प्राकृतिक पुष्पों की महक कम ही नजर आने के आसार दिखाई दे रहे है।
जून माह में फूलों की घाटी प्रकृति प्रेमियों के लिए खुल जाएगी
हालांकि आगामी जून माह में फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान प्रकृति प्रेमियों के लिए खुल जाएगी, लेकिन जिस तरह से जनवरी माह में घाटी में कम बर्फबारी हुई है, ऐसे में घाटी में जो बर्फ प्राकृतिक पुष्पों को बेहतर खिलने के लिए चाहिए वो नहीं मिल पाई है। लिहाजा आने वाले सीजन में यहां दुर्लभ पुष्प सीमित संख्या में ही खिल सकेंगे।
सीजन में करीब 300 प्रजातियां के पुष्प खिलते हैं
गौरतलब है कि, घाटी में मध्य जुलाई-अगस्त के सीजन में पुष्पों की करीब 300 प्रजातियां खिल कर अपनी दुर्लभ छटा बिखेरती है, जिसका लुफ्त उठाने लाखों देशी-विदेशी पर्यटक घाटी का दीदार करने पहुंचते है। पार्क प्रशासन के अधिकारियों की मानें तो जनवरी-फरवरी माह में घाटी में बर्फ की मोजूदगी जरूरी है।
घाटी में द्वारी पुल से आगे करीब 2 से 3 फीट बर्फ जमी है
बर्फ का देर से पिघलना कुछ खास प्रजाति के पुष्पों के बीजों के लिए फायदेमंद साबित होता है, जब बर्फ कम होगी तो फूल कम मात्रा में खिलेंगे और खिले फूल भी जल्द समाप्त हो जाएंगे। फूलों की घाटी का दीदार कर मुख्यालय लौटे पार्क कर्मियों के दल ने बताया कि, घाटी में द्वारी पुल से आगे करीब 2 से 3 फीट बर्फ जमी है।
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