केरल के वायनाड में केदारनाथ जैसी त्रासदी आई है लैंडस्लाइड में अब तक 155 लोगों की मौत और 220 लोग लापता है रेस्क्यू ऑपरेशन में आर्मी, एयरफोर्स, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ की टीमें लगी हुई है टीमों ने 1 हजार लोगों को मलबे से बाहर निकाल लिया है मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन लगातार वायनाड के हालातों पर नजर बनाए हुए है मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन घंटे में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने वाली है. विभाग ने केरल के पथानामथिट्टा, अलाप्पुझा, कोट्टायम और एर्नाकुलम जिले में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है. वायनाड, कोझिकोड़, कन्नूर और कासरगोड़ जिले में भी अगले तीन घंटे में भारी बारिश होने वाली है।
घायलों का अस्पताल में इलाज जारी
वायनाड भूस्खलन की चपेट में आकर घायल हुए 120 से ज्यादा लोगों का वायनाड के अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है. स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, भूस्खलन की चपेट में आए ज्यादातर पीड़ित चाय बागानों में काम करते थे और सड़क के किनारे या फिर बागानों में छोटे घरों में रहते थे एनडीआरएफ कमांडर अखिलेश कुमार ने कहा हमने कल मुंडक्कई गांव से घायल पीड़ितों को बचाया. हमें डर है कि पीड़ित ढही हुई इमारतों में फंसे हो सकते हैं. कल रात 10 बजे तक हमने 70 लोगों को बचाया, जिसके बाद खराब मौसम और बारिश के कारण हमें रुकना पड़ा।
सभी स्कूल कॉलेज बंद
आपदा और लगातार बारिश को देखते हुए बुधवार 31 जुलाई को सभी स्कूल कॉलेज बंद रहेंगे. केरल के 11 जिलों कासरगोड, कन्नूर, कोझीकोड, वायनाड, मलप्पुरम, पलक्कड़, त्रिशूर, इडुक्की, एर्नाकुलम, अलाप्पुझा और पथानामथिट्टा में भी छुट्टी का ऐलान कर दिया गया है।
सेना के 200 से ज्यादा जवान रेस्क्यू में जुटे
वायनाड में कुदरत की विनासिलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जहां लैंडस्लाइड हुआ वहां से करीब 50 किलोमीटर दूर मल्लपुरम के पोथुकल्लू इलाके से 10 शव बरामद किए गए हैं जो चलियार नदी में बहकर आए थे. रेस्क्यू टीम के मुताबिक, मलबे में अभी और भी लोग दबे हो सकते हैं. सिविल डिफेंस, पुलिस, दमकल विभाग, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ के करीब 250 जवान राहत बचाव में जुटे हैं. वहीं, सेना ने 122 इनफैन्ट्री के करीब 225 जवान रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे हैं. इंडियन एयरफोर्स ने कोयंबटूर के सुलूर एयरबेस से 2 हेलिकॉप्टर भेजे हैं, जो लोगों को लगातार मलबे से निकाल रहे हैं।
Written by - Rohit sharma
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