New Delhi: जावेद अख्तर आजकर खबरों में छाए हुए हैं, हिंदुस्तान और पाकिस्तान दोनों में ही उनके नाम के चर्चे हो रहे हैं। पाकिस्तान में हुए फैज फेस्टिवल में जावेद (Javed Akhtar) साहब ने दुनिया के सामने पाकिस्तान को जो खरी खोटी सुनाई उसपर देश में तो उन्हें खूब तारीफ मिल ही है, लेकिन पाकिस्तान में अवाम उनके खिलाफ हो गई है। अपने बयान पर चारों तरफ से मिल रहे रिएक्शन पर अब जावेद अख्तर ने चुप्पी तोड़ी है।
जावेद अख्तर ने कही ये बात
एबीपी के एक कार्यक्रम में बोलते हुए, जावेद (Javed Akhtar) ने उस घटना पर दिए अपने बयान को दोहराया और कहा, 'ये बात इतनी बड़ी हो जाएगी मुझे नहीं पता था, अब मुझे एम्बैरेसमेंट होने लगी है। लगता है कि अब मुझे इसके बारे में और कुछ नहीं कहना चाहिए। लोग तो ऐसे मेरी तारीफ कर रहे हैं जैसे मैं तीसरा विश्व युद्ध जीत के आया हूं। मुझे ये बातें कहनी थीं, क्या हमें चुप रहना चाहिए? नहीं न… मुझे अब जाकर पता लग रहा है कि मेरे स्टेटमेंट ने पाकिस्तान में खलबली मचा दी है।
"मैं डर के नही जीता"
जावेद अख्तर (Javed Akhtar) ने आगे कहा- पाकिस्तान में लोग अपनी सरकार से पूछ रहे हैं कि मुझे वीजा क्यों दिया गया? अब मुझे बस यही एक चीज याद रहेगी कि वह किस तरह का मुल्क है, मैं जिस देश में पैदा हुआ हूं। वहां मैं कॉन्ट्रोवर्शियल स्टेटमेंट देता आ रहा हूं। मैं अपने देश में डर के नहीं जीता तो यहां किस बात से डरूंगा।
पाकिस्तान के कुछ लोग भारत के साथ चाहते है अमन
उन्होंने आगे कहा कि ये कहना गलत होगा कि सारे पाकिस्तानी एक जैसे हैं। वहां भी लोग हैं जो भारत के साथ अमन चाहते हैं। वो लोग देख रहे हैं कि पड़ोसी देश भारत कैसी तरक्की कर रहा है। किस तरह से भारत कॉर्पोरेट, कल्चर, फिल्म, म्यूजिक और इंडस्ट्री में आगे बढ़ा है। वो लोग भी इस कल्चर को अपने देश में लाना चाहते हैं। वहां लोगों ने गर्मजोशी से मेरा स्वागत किया।
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