हिमाचल प्रदेश में मानसून जमकर कहर बरसा रहा है। प्रदेश में लगातार हो रही बारिश की वजह से आम जन जीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोलन जिले के जादोन गांव में बादल फटने से 7 लोगों की मौत पर शोक व्यक्त किया। वहीं कंडाघाट एसडीएम सिद्धार्थ आचार्य ने बताया कि सोलन में कंडाघाट उपखंड के जादोन गांव में बादल फटने की घटना के बाद कम से कम सात लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच को बचा लिया गया।
सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने जताया दुख
उन्होंने बताया कि घटना में 2 घर और 1 गौशाला भी बह गई। पहले मरने वालों की संख्या पांच थी, लेकिन अधिकारियों को अब दो और शव मिले हैं जिससे मृतकों की संख्या 7 हो गई है। इस घटना पर हिमाचल प्रदेश के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा, "सोलन जिले की धवला उप-तहसील के गांव जादोन में दुखद बादल फटने की घटना में 7 अनमोल जिंदगियों के नुकसान के बारे में सुनकर दुख हुआ। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदना है। इस कठिन समय के दौरान आपके दर्द और दुःख में हम शामिल हैं। हमने अधिकारियों को इस कठिन अवधि के दौरान प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता और सहायता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।"
शिव मंदिर भूस्खलन की चपेट में आ गया
गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में बारिश ने कहर मचाया हुआ है मंडी के गांव थट्टा मे बादल फट गया और एक एचआरटीसी की बस, तीन गाडियां और एक बाइक बह गई। वहीं शिमला में भी भूस्खलन हो गया। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में सुबह 7:02 पर समरहिल स्थित शिव मंदिर भूस्खलन की चपेट में आ गया। यहां सावन के सोमवार के दिन भक्त भगवान शिव की पूजा कर रहे थे। तभी अचानक भूस्खलन हुआ और मंदिर बह गया। जानकारी के अनुसार, इस भूस्खलन की चपेट में 20 से ज्यादा भक्त आए हैं। इन्हें रेस्क्यू करने का काम जारी है।
सड़के बंद
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में सड़के बंद पड़ी हुई हैं. घरों में न तो बिजली है और न ही पानी। लगातार हो रही बारिश की वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने में भी खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिला प्रशासन ने लोगों से एहतियात बरतने की अपील की है।
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