राजनीतिक दलों द्वारा प्राप्त चुनावी बॉन्ड के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने कहा कि, उसे चुनावी बॉन्ड की संख्या (अल्फा-न्यूमेरिक नंबरों) का खुलासा भी करने को कहा गया था, जो उसने नहीं किया है।वहीं अब इस मामले पर जमकर राजनीति भी देखने को मिलने लगी है। कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर केंद्र की मोदी सरकार को घेर रही है।
चुनावी बांड डेटा पर जयराम रमेश ने कहा...
वहीं, चुनावी बांड डेटा प्रकाशित होने पर कांग्रेस महासचिव संचार प्रभारी जयराम रमेश का भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि, मैंने उस पर विश्लेषण किया है कि, किस तरीके से चुनावी बांड का दुरुपयोग किया गया है। कांग्रेस नेता ने आगे आरोप लगाते हुए कहा कि, 60% चुनावी बांड सिर्फ बीजेपी को मिले हैं, मैंने विश्लेषण के द्वारा दिखाया है किस तरह से ईडी, CBI, आयकर का दुरुपयोग किया गया है और जिन्होंने चंदा दिया है, उन्हें कहां-कहां से अनुबंध मिले हैं।
पीएम मोदी फिर सत्ता में आए तो वह संविधान को बदल देंगे
वहीं, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द की अध्यक्षता में बनी कमेटी द्वारा 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' पर रिपोर्ट राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंपने पर कांग्रेस महासचिव संचार प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि, ये कमेटी मैच फिक्सिंग कमेटी थी और पीएम मोदी की मनसा 'वन नेशन, नो इलेक्शन’ है। कांग्रेस नेता ने आगे पीएम मोदी पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि, अगर वह वापस आएंगे फिर से सत्ता में तो वह संविधान को बदल देंगे।
ये तो करना ही था
पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाले चयन पैनल द्वारा ज्ञानेश कुमार और सुखबीर सिंह संधू को चुनाव आयुक्त नियुक्त किए जाने पर जयराम रमेश का बयान सामने आया है। कांग्रेस महासचिव संचार प्रभारी ने कहा कि, ये तो करना ही था। चयन समिति में हमारे नेता अधीर रंजन चौधरी ने इस पर आपत्ति जताई थी, लेकिन सरकार के पास बहुमत है।
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