उद्धव बालासाहेब ठाकरे वाली शिवसेना (Shiv Sena) के प्रमुख उद्धव ठाकरे से पार्टी (शिवसेना), चुनाव निशान छिनने के बाद अब एक और बड़ा झटका लग गया है। अब ठाकरे से संसद में मौजूद दफ्तर भी छिन गया है। आपको बता दें कि, चुनाव आयोग के फैसले के बाद संसद में शिवसेना (Shiv Sena) का दफ्तर अब एकनाथ शिंदे गुट को दिया गया है। बता दें कि, संसद में शिवसेना के दफ्तर पर एकनाथ शिंदे गुट ने अपना दावा किया था।
चुनाव आयोग का निर्णय हम नहीं मानते
जब से शिवसेना से बागी होकर शिंदे गुट ने बीजेपी के साथ मिलकर प्रदेश में एक नई सियासी पारी की शुरुआत की तभी से उद्धव ठाकरे गुट को एक के बाद एक कई झटके लगे। अब राज्यसभा सांसद संजय राउत का बयान सामने आया है। उन्होंने साफ-साफ कह दिया कि, जो कुछ लेना है ले जाएं, कुछ कायम नहीं हैं। हमारी जड़ें मजबूत हैं। संजय यही नहीं रूके आगे कहा कि, चुनाव आयोग का निर्णय हम नहीं मानते, फैसला किसके दबाव में आकर दिया है? हम सुप्रीम कोर्ट में जीतेंगे हमें भरोसा है। उन्होंने कहा कि, हमारी शिवसेना है बालासाहेब ठाकरे की है, उद्धव की है।
चुनाव आयोग के फैसले को उद्धव ठाकरे ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है
राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा कि, उन्होंने (बीजेपी) ने सब कुछ अपने कब्जे में ले लिया है, चलो दिल्ली चलकर देखते हैं। उन्होंने कहा कि, उद्धव ने हमें फोन नहीं किया कि, आप किस शिवसेना की बात कर रहे हैं। आपको बता दें कि, शिंदे गुट को असली शिवसेना मानने और चुनाव चिंह आवंटित करने वाले चुनाव आयोग के फैसले को उद्धव ठाकरे ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
चुनाव आयोग ने इस निष्कर्ष पर पहुंचने में गलती की
उद्धव ठाकरे गुट की तरफ से इस याचिका में कहा गया है कि, चुनाव आयोग ने इस निष्कर्ष पर पहुंचने में गलती की। दसवीं अनुसूची के तहत अयोग्य ठहराने और चुनाव संबंधी अलग-अलग मुद्दों पर है। आगे कहा गया कि, विधायकों की अयोग्यता राजनीतिक दल की सदस्यता खत्म करने पर आधारित नहीं हैं।
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