Jabalpur Railway Station: मध्य प्रदेश के एक और रेलवे स्टेशन का नाम बदलने की प्रक्रिया अब जारी है। भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन की तरह 155 साल पुराने जबलपुर स्टेशन (Jabalpur Railway Station) का नाम 'वीरांगना रानी दुर्गावती' के नाम पर रखने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस संदर्भ में अब राज्य सरकार अपना प्रस्ताव रेल मंत्रालय को भेजेगी। साथ ही जबलपुर में एयरपोर्ट की तर्ज पर 300 करोड़ रुपये से स्टेशन बनाने की योजना बनाई जा रही है।
Jabalpur Railway Station का नाम बदलने की मांग
जबलपुर से सांसद और लोकसभा के मुख्य सचेतक राकेश सिंह ने सोमवार को पश्चिम मध्य रेलवे के अधिकारियों से मुलाकात की और जबलपुर स्टेशन (Jabalpur Railway Station) का नाम बदलने की मांग की। उन्होंने जबलपुर स्टेशन का नाम बदलकर 'रानी दुर्गावती स्टेशन' करने का प्रस्ताव रखा। सर्किट हाउस में हुए इस सम्मेलन में एयरपोर्ट की तर्ज पर जबलपुर स्टेशन को फिर से जीवंत करने पर भी चर्चा हुई। सम्मेलन में ये निर्धारित किया गया कि जबलपुर रेलवे स्टेशन पर भेड़ाघाट और धुआंधार झरने की प्रतिकृति बनाई जाएगी।
Jabalpur Railway Station का इतिहास
आपको याद दिला दें कि जबलपुर रेलवे का एक शानदार इतिहास रहा है। यह स्टेशन मुंबई-कोलकाता ट्रेन लाइन पर एक महत्वपूर्ण इंटरचेंज के रूप में कार्य करता है। इसका निर्माण ग्रेट इंडियन पेनिनसुला रेलवे और ईस्ट इंडियन रेलवे के इंटरचेंज स्टेशन के रूप में किया गया था। 1867 में, जबलपुर स्टेशन को यातायात के लिए खोला गया था। और इसकी मदद से बॉम्बे और बंगाल को ट्रेन के माध्यम से जोड़ा गया था। ब्रिटिश टाइम में इसे जुबुलपुर (Jubbulpore) स्टेशन के नाम से जाना जाता था।
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