राजनीतिक दलों द्वारा प्राप्त चुनावी बॉन्ड के मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर चुनाव आयोग ने इलेक्टोरल बॉन्ड पर एसबीआई से मिली जानकारी को सार्वजनिक कर दिया है। आयोग ने अपनी वेबसाइट पर एसबीआई से मिले चुनावी चंदे के डेटा को गुरुवार को अपलोड कर दिया। आपको बता दें कि, सुप्रीम कोर्ट ने 15 मार्च तक चुनाव आयोग से ये जानकारी सार्वजनिक करने के लिए कहा था। वहीं इस मामले पर विपक्ष केंद्र सरकार पर निशाना साध रहे हैं।
संजय का बीजेपी पर बड़ा आरोप
शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने आज यानी की शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी पर गेमिंग और जुआ कंपनियों द्वारा खरीदे गए चुनावी बांड का मुख्य लाभार्थी होने का आरोप लगाया। संजय राउत ने भारतीय जनता पार्टी पर देश के सबसे बड़े घोटाले में शामिल होने का भी आरोप लगाया। संजय राउत के अनुसार, इस योजना में गेमिंग और जुआ कंपनियां चुनावी बांड खरीदती हैं और धन को सीधे भारतीय जनता पार्टी के बैंक खातों में भेजती हैं।
यह देश का सबसे बड़ा घोटाला है
उद्धव गुट के नेता संजय राउत ने आगे बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि, गेमिंग और जुआ निगम चुनावी बांड खरीदता है, जिसे बाद में सत्तारूढ़ पार्टी के बैंक खाते में जमा किया जाता है। मेघा इंजीनियरिंग कई अनुबंधों को सुरक्षित करती है और एहसान के बदले में लाखों चुनावी बांड खरीदती है, जिससे धन भारतीय जनता पार्टी के बैंक खाते में जाता है। उन्होंने आगे कहा कि, ऐसे कई हैं जिन कंपनियों के लिए पैसा चुनावी बांड में खरीदा गया है और राजनीतिक दलों को हस्तांतरित किया गया है। यह देश का सबसे बड़ा घोटाला है।
इन पार्टियों ने कैश कराए चुनावी बॉन्ड
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, चुनावी बॉन्ड भुनाने वाली पार्टियों में भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस, एआईएडीएमके, बीआरएस, शिवसेना, टीडीपी, वाईएसआर कांग्रेस, डीएमके, जेडीएस, राकांपा, टीएमसी, जदयू, राजद, आम आदमी पार्टी और समाजवादी पार्टी शामिल हैं।
Comments (0)