प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने रविवार को सुबह 11 बजे अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ (Mann Ki Baat) के 98वें संस्करण को संबोधित किया। पीएम ने कहा कि "आप अपने मन की शक्ति को जानते हैं, उसी प्रकार समाज की शक्ति से देश की शक्ति कैसे बढ़ती है, यह हमने 'मन की बात' के अलग-अलग एपिसोड में देखा, समझा और अनुभव किया है।”
भारत की "डिजिटल क्रांति"
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की "डिजिटल क्रांति" (Digital India) की "शक्ति" की प्रशंसा की, जिसमें टेलीकंसल्टेशन ऐप ई संजीवनी (eSanjeevani) और सिंगापुर के पे नाउ के साथ भारत के यूपीआई (UPI) को जोड़ने पर प्रकाश डाला गया। पीएम ने कहा कि, "अब तक ई संजीवनी से 10 करोड़ से अधिक लोग लाभान्वित हो चुके हैं, जिसका उपयोग करके वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से डॉक्टरों से परामर्श लिया जा सकता है। टेलीकंसल्टेशन मरीजों के लिए वरदान साबित हुआ है।" साथ ही पीएम ने सिक्किम के एक डॉक्टर मदन मणि से भी बातचीत की, जिन्होंने ई-संजीवनी ऐप पर मरीजों को परामर्श प्रदान किया था।
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लता मंगेशकर को किया याद
पीएम मोदी ने सरदार पटेल (Sardar Patel) की जयंती 'एकता दिवस' के अवसर पर 'मन की बात' (Mann Ki Baat) कार्यक्रम में तीन प्रतियोगिताओं के बारे में बात की थी। यह प्रतियोगिताएं ये प्रतियोगिताएं देशभक्ति पर गीत, लोरी और रंगोली पर केन्द्रित थी। पीएम ने कहा, "मुझे यह सूचित करने में बहुत खुशी हो रही है कि 700 से अधिक जिलों के पांच लाख से अधिक लोगों ने इन प्रतियोगिताओं में भाग लिया।"
बता दें कि इसी दौरान पीएम ने गायिका लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) को भी याद किया। पीएम ने कहा, “उन्हें इस अवसर पर लता मंगेशकर की याद आ रही है क्योंकि गायक ने भारतीयों को इन प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया था।”
स्वच्छ भारत बना जन आंदोलन
अपने संबोधन में, मोदी ने देश के विभिन्न हिस्सों में लोगों द्वारा अपनाए गए स्वच्छता अभ्यासों पर भी प्रकाश डाला और कहा कि "स्वच्छ भारत" (swachh bharat mission) एक जन आंदोलन बन गया है। उन्होंने कहा, 'अगर हम संकल्प लें तो हम स्वच्छ भारत की दिशा में बहुत बड़ा योगदान दे सकते हैं।'
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