Cow Slaughter: इलाहाबाद हाईकोर्ट के लखनऊ बेंच ने गौहत्या को लेकर बड़ा बयान दिया है। बेंच ने कहा की, हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार गाय की हत्या करने वाला व्यक्ति नर्क में जाता है। बेंच ने यह भी अनुरोध किया कि केंद्र सरकार गोहत्या पर प्रतिबंध लगाने और इसे संरक्षित प्रजातियों के रूप में नामित करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी कानून लागू करे।
इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस शमीन अहमद ने कहा, "सभी धर्मों का सम्मान करना महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है। हिंदू धर्म सहित सभी धर्मों का सम्मान किया जाना चाहिए, जो मानता है कि गाय की रक्षा और सम्मान किया जाना चाहिए, क्योंकि यह दैवीय और प्राकृतिक भलाई का प्रतिनिधित्व करती है।"
"We are living in a secular country and must have respect for all religions and in Hinduism, the belief and faith is that cow is representative of divine and natural beneficence and should therefore be protected and venerated" : #AllahabadHighCourt#Cow #CowSlaughter
— Live Law (@LiveLawIndia) March 3, 2023
गाय को संरक्षित पशु घोषित करने का किया आह्वान
अदालत ने बाराबंकी के एक व्यक्ति के खिलाफ एक गाय की हत्या (Cow Slaughter) करने और मांस की बिक्री के आरोप में FIR रद्द करने से इनकार कर दिया। इसी के साथ, अदालत ने केंद्र सरकार से गोहत्या पर प्रतिबंध लगाने के लिए कानून लाने और गाय को 'संरक्षित राष्ट्रीय पशु' घोषित करने का भी आह्वान किया।
अदालत ने गाय के महत्व पर दिया ध्यान (Cow Slaughter)
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शुद्धिकरण और तपस्या के उद्देश्यों के लिए गाय के महत्व पर भी ध्यान दिया, जिसमें पंचगव्य- गाय से प्राप्त पांच उत्पाद दूध, मक्खन, दही, मूत्र और गोबर शामिल हैं। पुरानी मान्यताओं और परंपराओं का हवाता देते हुए अदालत ने कहा कि गाय के पैर चार वेदों का प्रतीक हैं और उसके सींग देवताओं का प्रतीक हैं, उसका चेहरा सूर्य और चंद्रमा और उसके कंधे अग्नि का प्रतीक हैं।
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