सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कर्नाटक हिजाब विवाद (Hijab Controversy) में तत्काल सुनवाई से इंकार कर दिया है। कर्नाटक के प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेजों में 9 मार्च से परीक्षा शुरु आने वाली है। छात्राओं के एक समूह ने परीक्षाओं के दौरान हिजाब पहनने की अनुमति मांगी थी। जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि “होली की छुट्टी के बाद सुनवाई के लिए बेंच का गठन करेंगे।”
छात्राओं के वकील की दलील
मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पीठ के सामने छात्राओं का पक्ष रखने वाले वकील ने कहा कि छात्र पहले ही एक साल खो चुके हैं (Hijab Controversy), वे एक और साल खो देंगे। उन्होंने कहा कि, "प्रतिबंध के कारण हिजाब पहनने वाली छात्राओं का एक साल पहले ही बर्बाद हो चुका है। इस शैक्षणिक वर्ष का क्या? क्या उन्हें यह भी गंवाना चाहिए।" वकील ने दलील दी कि जनवरी और फरवरी में इस मामले का उल्लेख किया गया था लेकिन यह सुनवाई के लिए नहीं आया है।
मुख्य न्यायाधीश का जवाब
छात्राओं के वकील की दलील सुनने के बाद मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की पीठ ने कहा कि, "आप आखिरी तारीख पर आए हैं। हम छुट्टियों (होली) के बाद एक पीठ का गठन करेंगे उसके बाद इस मामले में संज्ञान लेंगे।" बता दें कि होली के कारण 12 मार्च तक सुप्रीम कोर्ट में छुट्टी रहेगी।
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