बुधवार शाम को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) ने छात्रों के लिए नई रुल बुक जारी की है। जेएनयू के छात्रों को अब कैंपस में धरना देने पर जुर्माने के तौर पर 20 हजार रुपए देने होंगे। इसके अलावा यदि छात्र हिंसा करते हुए पकड़े जाते हैं, तो उन्हें प्रवेश रद्द करने और 30,000 रुपये का जुर्माना भरना पड़ेगा। दस्तावेज के अनुसार ये नए नियम 3 फरवरी, 2023 से लागू हुए है।
JNU की नई गाइडलाइनस
जेएनयू (JNU) कैंपस में आए दिन धरना, प्रदर्शन और मारपीट व हिंसा की घटनाएं होती रहती हैं। जिसके चलते विश्वविद्यालय प्रशासन ने सख्ती से निपटने को लेकर जेएनयू एक्ट में संशोधन किया है। जेएनयू ने 10 पेज की नियम पुस्तिका जारी की है जिसका नाम है - 'जेएनयू के छात्रों के अनुशासन और उचित आचरण के नियम'। जेएनयू द्वारा बनाए गए नियम सभी छात्रों के लिए लागू होंगे। नियम उन छात्रों पर भी लागू होंगे जिन्हें नियमों के लागू होने से पहले और बाद में प्रवेश दिया गया था।
पीटीआई के अनुसार, 17 "अपराधों" के लिए दंड सूचीबद्ध किए गए हैं, जिनमें रुकावट, जुआ में लिप्त होना, छात्रावास के कमरों पर अनधिकृत कब्जा करना, अपमानजनक भाषा का उपयोग करना और जालसाजी करना शामिल है।
अभिभावकों तक जाएगी शिकायत
अब अगर छात्र किसी भी प्रकार से नियमों का उल्लंघन करते पाए जाएंगे तो छात्रों के खिलाफ की गई कार्रवाई की एक प्रति संबंधित माता-पिता और अभिभावकों को भी भेजी जाएगी।
बता दें कि ऐसे मामले जिनमें छात्रों के साथ शिक्षक भी शामिल हैं, ऐसे मामलों की सुनवाई यूनिवर्सिटी, स्कूल और सेंटर लेवल पर शिकायत निवारण समिति करेगी। सेक्शुअल अब्यूज, लड़कियों से छेड़छाड़, रैगिंग और सांप्रदायिक सौहार्द्र को भंग करने के मामलों की सुनवाई यूनिवर्सिटी के चीफ प्रॉक्टर ऑफिस में की जाएगी।
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