पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने आज मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने पंजाब और चंडीगढ़ की मौजूदा स्थिति, विकास प्राथमिकताओं और सुरक्षा से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की। कटारिया ने प्रधानमंत्री को पंजाब में आई हालिया विनाशकारी बाढ़ के बाद किए जा रहे राहत कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रभावित परिवारों की मदद, सार्वजनिक ढांचे की मरम्मत और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बीमारियों पर नियंत्रण के लिए राज्य मशीनरी और स्वयंसेवी संगठनों ने मिलकर काम किया है।
उन्होंने पाकिस्तान सीमा से जुड़े संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा और विकास का मुद्दा भी उठाया। कटारिया ने कहा कि इन इलाकों में उद्योग इकाइयां स्थापित करने की जरूरत है ताकि युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकें। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर एंटी-ड्रोन सिस्टम और हाई-डेफिनिशन कैमरे लगाने की भी सिफारिश की ताकि निगरानी मजबूत हो सके। राज्यपाल ने पीएम मोदी को पंजाब और चंडीगढ़ में नई शिक्षा नीति के कार्यान्वयन के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संस्थानों को एनएएसी मान्यता से जोड़ा जा रहा है ताकि उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो। इसके साथ ही उन्होंने राज्य में चल रहे नशामुक्ति जागरूकता अभियानों का भी उल्लेख किया, जिनका मकसद युवाओं को नशे से दूर रखना और समाज को स्वस्थ बनाना है।
चंडीगढ़ के विकास पर बात करते हुए कटारिया ने गिफ्ट सिटी (गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी) की तर्ज पर यहां एक “गिफ्ट सिटी” बनाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इससे आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी। इसके अलावा उन्होंने नई खेल नीति पर चर्चा करते हुए कहा कि चंडीगढ़ को खेलों का प्रमुख केंद्र बनाया जाना चाहिए, क्योंकि यहां की प्रतिभाएं राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। राज्यपाल ने प्रधानमंत्री को चंडीगढ़ में युवाओं के लिए नई स्टार्टअप नीति के बारे में भी बताया, जिसका उद्देश्य स्वरोजगार और नवाचार को बढ़ावा देना है।
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