कोलकाता: पश्चिम बंगाल के सरकारी अस्पतालों में अगले साल से दुर्गा पूजा के दौरान षष्ठी से लक्ष्मी पूजा तक चलने वाली लंबी छुट्टियों की परंपरा समाप्त हो जाएगी। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. शारद्वत मुखोपाध्याय ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर को इसकी घोषणा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाएं अत्यावश्यक श्रेणी में आती हैं और अस्पतालों में मरीजों को चौबीसों घंटे चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना जरूरी है। मंत्री के मुताबिक, स्वतंत्रता के बाद से सरकारी अस्पतालों में दुर्गा पूजा के दौरान लंबे समय तक छुट्टी जैसा माहौल रहने की परंपरा बन गई थी। अब इसे बदलने की तैयारी है, ताकि त्योहार के दिनों में भी अस्पतालों में कर्मचारियों की उपस्थिति और चिकित्सा सेवाओं का संचालन सुनिश्चित किया जा सके।
सप्तमी से दशमी तक लागू होगा विशेष ड्यूटी रोस्टर
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि 2027 की दुर्गा पूजा से सरकारी अस्पतालों में सप्तमी, अष्टमी, नवमी और दशमी के लिए विशेष ड्यूटी रोस्टर लागू किया जाएगा। इसके तहत गैर-चिकित्सकीय कर्मचारियों की सामान्य संख्या के लगभग 50 प्रतिशत को इन चार दिनों में ड्यूटी पर रखने की व्यवस्था होगी।हालांकि, डॉक्टरों और नर्सों के लिए पहले से तय ऐसा रोस्टर नहीं होगा। उनकी उपस्थिति अस्पताल की जरूरत और मरीजों की चिकित्सा संबंधी आवश्यकताओं के अनुसार सुनिश्चित की जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य त्योहार के दौरान अस्पतालों में कामकाज प्रभावित होने से रोकना है।
छुट्टी पर गए कर्मचारियों को काम पर लौटने का निर्देश
मंत्री ने यह भी कहा कि इस वर्ष पूजा के दौरान छुट्टी पर गए कुछ कर्मचारियों को छुट्टी रद्द कर तत्काल काम पर लौटने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों के अधिकारियों से कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा।स्वास्थ्य मंत्री ने जोर दिया कि सरकारी अस्पताल जनता के कर के पैसे से संचालित होते हैं और वहां मरीजों को सेवा देना कर्मचारियों की जिम्मेदारी है। स्वास्थ्य विभाग को अन्य सरकारी कार्यालयों की तरह लंबे त्योहार अवकाश के आधार पर नहीं चलाया जा सकता।
त्योहार के दौरान स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रखने पर जोर
दुर्गा पूजा के दौरान सरकारी अस्पतालों में कर्मचारियों की उपलब्धता और मरीजों को समय पर इलाज मिलना लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है। ऐसे में राज्य सरकार का यह फैसला अस्पतालों में उपस्थिति और प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में ओपीडी और पैथोलॉजी सेवाओं के नियमित संचालन, प्रतिपूरक अवकाश की व्यवस्था या स्वास्थ्य विभाग के लिए अलग वार्षिक कार्य कैलेंडर को लेकर विस्तृत आधिकारिक दिशा-निर्देशों की पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल मंत्री की घोषणा का मुख्य जोर पूजा के चार प्रमुख दिनों में विशेष ड्यूटी रोस्टर और अस्पतालों में कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर है।