नई दिल्ली: जीएसटी काउंसिल की अहम बैठक आज यानी गुरुवार को होने जा रही है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में जीएसटी से जुड़े कई नियमों में बदलाव और प्रक्रिया को आसान बनाने के प्रस्तावों पर चर्चा हो सकती है।
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में रिफंड, जीएसटी पंजीकरण, रिटर्न दाखिल करने और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) से जुड़े नियमों में सुधार पर फैसला लिया जा सकता है। प्रस्तावित बदलावों का उद्देश्य कारोबारियों के लिए जीएसटी प्रक्रिया को सरल बनाना बताया जा रहा है।
इनपुट टैक्स क्रेडिट के नियमों में मिल सकती है राहत
जीएसटी काउंसिल की बैठक में इनपुट टैक्स क्रेडिट पर लागू कुछ पाबंदियों में ढील देने का प्रस्ताव रखा जा सकता है। सामान्य कारोबारी खर्चों को भी इनपुट टैक्स क्रेडिट के दायरे में शामिल किए जाने पर विचार हो सकता है। अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो कारोबारियों के लिए टैक्स क्रेडिट का दायरा बढ़ सकता है और कारोबारी खर्चों पर चुकाए गए जीएसटी का लाभ लेने की प्रक्रिया आसान हो सकती है।
एक राज्य में पंजीकरण, पूरे देश में कारोबार की अनुमति?
बैठक में जीएसटी पंजीकरण को लेकर भी बड़ा बदलाव संभव है। प्रस्ताव के तहत कारोबारियों को केवल एक राज्य में जीएसटी पंजीकरण कराकर पूरे देश में कारोबार करने की अनुमति देने पर विचार किया जा सकता है।इससे अलग-अलग राज्यों में कारोबार करने वाले व्यवसायों के लिए पंजीकरण और अनुपालन से जुड़ी प्रक्रिया कम जटिल हो सकती है।
61% करदाताओं का तीन दिन में हो रहा पंजीकरण
सरकार के मुताबिक, वर्तमान में करीब 61 प्रतिशत करदाताओं का जीएसटी पंजीकरण अधिकारी के हस्तक्षेप के बिना तीन कार्यदिवस के भीतर किया जा रहा है।सरकार की कोशिश जीएसटी पंजीकरण और अन्य प्रक्रियाओं को ज्यादा डिजिटल और कम मानवीय हस्तक्षेप वाला बनाने की है। प्रस्तावित बदलाव इसी दिशा में एक और कदम हो सकते हैं।
रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया में भी बदलाव
जीएसटी रिटर्न की प्रक्रिया को भी आसान बनाने का प्रस्ताव है। ऐसी व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है, जिससे रिटर्न में होने वाले बदलाव संबंधित खरीदार के लेजर में स्वतः दर्ज हो सकें।इससे कारोबारियों को अलग से रिकॉर्ड अपडेट करने की जरूरत कम हो सकती है और लेनदेन से जुड़े डेटा में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है।
छोटी रकम के मामलों में नोटिस से राहत
जीएसटी से जुड़े छोटे मामलों में भी कारोबारियों को राहत मिल सकती है। प्रस्ताव के मुताबिक, एक तय सीमा से कम रकम वाले मामलों में नोटिस जारी नहीं करने की व्यवस्था पर विचार किया जा सकता है।इससे छोटे-मोटे अंतर या कम राशि से जुड़े मामलों में अनावश्यक कानूनी और अनुपालन प्रक्रिया से कारोबारियों को राहत मिलने की संभावना है।
सेवाओं और मशीनरी पर चुकाए टैक्स का भी रिफंड
रिफंड के नियमों में भी बड़ा बदलाव प्रस्तावित है। रिफंड का दायरा सेवाओं के साथ-साथ संयंत्र और मशीनरी पर चुकाए गए टैक्स तक बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है।अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो पात्र कारोबारियों के लिए जीएसटी रिफंड का दायरा बढ़ जाएगा और टैक्स वापसी की प्रक्रिया अधिक व्यापक हो सकती है।
आज की बैठक पर कारोबारियों की नजर
जीएसटी काउंसिल की बैठक में इन प्रस्तावों पर अंतिम फैसला होने के बाद टैक्स व्यवस्था में बदलाव का रास्ता साफ हो सकता है। हालांकि, प्रस्तावों पर अंतिम निर्णय काउंसिल की बैठक में चर्चा के बाद ही स्पष्ट होगा।