मध्य प्रदेश प्रदेश में बहुचर्चित नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़ा मामले में हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए अहम आदेश दिए हैं। मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पाया कि जिन अधिकारियों ने जांच में गड़बड़ी की थी, उन्हें ही महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त कर दिया गया है। कोर्ट ने तत्कालीन डायरेक्टर मेडिकल एजुकेशन (डीएमई) डॉ. जितेंद्र शुक्ला और नर्सिंग काउंसिल की रजिस्ट्रार अनीता चांद को उनके पदों से हटाने के निर्देश दिए हैं।
मध्य प्रदेश नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़ा मामले में हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। जांच में गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों को महत्वपूर्ण पदों से हटाने का आदेश दिया गया है। डीएमई डॉ. जितेंद्र शुक्ला और नर्सिंग काउंसिल रजिस्ट्रार अनीता चांद को हटाया गया है. अपात्र कॉलेजों को मान्यता देने में इनकी भूमिका थी।
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