Raipur: आरक्षण मामले पर फसे पेंच को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बयान दिया, उन्होंने कहा कि, अभी भी राज्यपाल ने आरक्षण पर हस्ताक्षर नहीं किया। हमने सब कुछ आदिवासी समाज की मांग पर ही किया है। वहीं अरविंद नेताम के बयान पर मख्यमंत्री बघेल ने पलटवार करते हुए कहा कि, अरविंद नेताम और भाजपा के लोग बताए क्या ओबीसी को आरक्षण मिलना चाहिए या नहीं? भाजपा वालों का 2 मुंह है, ये दो गले से बात करते है।
राज्यपाल हस्ताक्षर नहीं कर रही है
मुख्यमंत्री ने कहा कि, भेंट मुलाकात कार्यकर्म में युवा सवाल कर रहे है की आखिर भर्ती क्यों नहीं हो रही है। वहीं मुख्यमंत्री बघेल ने एक बार फिर भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि, भाजपा के दबाव में राज्यपाल हस्ताक्षर नहीं कर रही है। आदिवासियों ने भी इसके विरोध में बड़ा प्रदर्शन किया है। राज्यपाल को बिल वापस करना है। राज्यपाल केवल बहाना ढूंढ रही है। मख्यमंत्री ने आरक्षण मामले पर तीन विकल्प बताए है। राज्यपाल बिल वापस कर दे, या तो राष्ट्रपति को भेज दे, या फिर निश्चित काल के लिए अपने पास रख ले।
भाजपा कभी प्रदेश का भला चाहती ही नहीं
मख्यमंत्री का सवाल करते हुए कहा कि, आखिरकार विधिक सलाहकार को किस बात का शक होने लगा है जो भारतीय जनता पार्टी के एकात्म परिसर में बैठता है। भाजपा कभी प्रदेश का भला चाहती ही नहीं है। हमने 15 साल में इन्हे देख लिया है। आज भाजपा ने सारे सार्वजनिक उपक्रम तो बेच दिए है। एयरपोर्ट बेच दिए सब कुछ प्राइवेट किया जा रहा है। केवल आधे लोगों को आरक्षण का लाभ मिल रहा है।
आजादी की लड़ाई का प्रमुख आधार स्तंभ कांग्रेस है
वहीं कांग्रेस के स्थापना दिवस पर सीएम ने कहा कि, आजादी की लड़ाई का प्रमुख आधार स्तंभ कांग्रेस है। लोकतंत्र के रूप में कांग्रेस पार्टी के महान नेताओं को ही जाना जाता है। महात्मा गांधी और सरदार वल्लवभाई पटेल जैसे कई महान नेता है जिन्होंने आजादी में अपना बड़ा योगदान दिया है। उन्होंने सभी को कांग्रेस के स्थापना दिवस की बधाई दी।
गवाही के नाम पर बुलाकर मारापीटा जाता है
ईडी की कार्यवाही को लेकर सीएम बघेल ने कहा कि, केंद्रीय एजेंसी के खिलाफ कई लोगो ने शिकायत की थी। जिन्हे गवाही के नाम पर बुलाकर मारापीटा जाता है। अगर आपके पास साक्ष्य है तो आप मारपीट क्यों करते है? मख्यमंत्री ने कहा कि, ये जोर जबरदस्ती करते है। राज्य सरकार की तर से सुरक्षा देने पर कहा कि, भारता सरकार को हमने यह अवगत कराया है और कहा है यह अनुचित हैऔर इसके लिए हमने केंद्रीय एजंसी को पत्र भी लिखा है।
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