रायसेन जिले के गौहरगंज रेंज में रातापानी टाइगर रिजर्व का उद्घाटन करने के महज 24 घंटे के भीतर एक दुखद घटना सामने आई। एक साल की बाघिन की मौत हो गई, जो सड़क दुर्घटना का शिकार हुई थी। यह हादसा अज्ञात वाहन की टक्कर से हुआ और बाघिन की लाश आज सुबह सड़क पर पाई गई। घटना के बाद वन विभाग के अधिकारियों को सूचित किया गया, जिन्होंने तत्परता से मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू की।
लोकार्पण से कुछ घंटे पहले हुआ हादसा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रातापानी टाइगर रिजर्व का लोकार्पण किया था, लेकिन इस खुशी के मौके के कुछ ही घंटों बाद यह दुखद समाचार सामने आया। वाइल्ड लाइफ एक्टिविस्ट अजय दुबे ने इस हादसे पर चिंता जताते हुए कहा कि, "रातापानी टाइगर रिजर्व का लोकार्पण होने के कुछ घंटे के भीतर बाघिन की सड़क दुर्घटना में मौत हुई है। सरकार को इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करना चाहिए ताकि बाघों और अन्य वन्य जीवों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।"
वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज
इस मामले में वन विभाग ने वन अधिनियम के तहत अपराध दर्ज किया है। वाइल्ड लाइफ एक्टिविस्ट और वन्य जीवों के संरक्षण के लिए काम कर रहे संगठनों ने आरोप लगाया है कि सड़क सुरक्षा के उपायों की कमी के कारण ऐसी घटनाएं होती हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि वन्य जीवों के संरक्षण और उनकी सुरक्षा के लिए बेहतर उपाय किए जाएं।
रातापानी टाइगर रिजर्व में बाघों की बढ़ती संख्या, प्रदेश में टाइगर की संख्या में लगातार वृद्धि
मध्य प्रदेश के रातापानी टाइगर रिजर्व ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है, जहां अब तक 96 बाघों की उपस्थिति दर्ज की जा चुकी है। यह क्षेत्र एकमात्र लैंडस्केप बन गया है, जहां बाघों की संख्या इतनी बड़ी है। इसके अलावा, वर्ष 2026 तक रातापानी टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या 150 से अधिक होने की संभावना जताई जा रही है।
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