छत्तीसगढ़ के 29 वर्षीय शैलेन्द्र कुमार बंधे की कहानी संघर्ष और सफलता की एक अद्भुत मिसाल है. शैलेन्द्र ने अपनी कड़ी मेहनत और अदम्य साहस से यह साबित कर दिया कि किसी भी परिस्थिति में अपने सपनों को पूरा किया जा सकता है. एनआईटी रायपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बावजूद शैलेन्द्र ने सरकारी सेवा का सपना देखा. इस सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की परीक्षा पास की और सहायक आयुक्त (राज्य कर) का पद हासिल किया.
छत्तीसगढ़ के 29 वर्षीय शैलेन्द्र कुमार बंधे की कहानी संघर्ष और सफलता की एक अद्भुत मिसाल है. शैलेन्द्र ने अपनी कड़ी मेहनत और अदम्य साहस से यह साबित कर दिया कि किसी भी परिस्थिति में अपने सपनों को पूरा किया जा सकता है. एनआईटी रायपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बावजूद शैलेन्द्र ने सरकारी सेवा का सपना देखा. इस सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की परीक्षा पास की और सहायक आयुक्त (राज्य कर) का पद हासिल किया.
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