रातापानी टाइगर रिजर्व विश्व के जाने-माने पुरातत्वविद् रहे उज्जैन निवासी डॉ. विष्णु वाकणकर के नाम से जाना जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने झिरी गेट पर आयोजित रिजर्व के लोकार्पण कार्यक्रम में यह घोषणा की। 16 वर्षों की लंबी खींचतान के बाद रातापानी वन्यजीव अभयारण्य को 2 दिसंबर को रिजर्व घोषित किया है। 12वें दिन इसके नाम बदले जाने की घोषणा भी कर दी। इसकी अलग से अधिसूचना जारी होगी। देश के किसी भी राज्य की राजधानी के सबसे नजदीक यह पहला रिजर्व है, जो सुविधा की दृष्टि से पर्यटकों के लिए अहम होगा। सीएम ने कहा कि राजधानी के आंगन में रिजर्व की सौगात मिली है। अफसरों को निर्देश दिए कि एनटीसीए के प्रोटोकॉल का ध्यान रखते हुए रिजर्व को तेजी से विकसित करें।
रातापानी टाइगर रिजर्व विश्व के जाने-माने पुरातत्वविद् रहे उज्जैन निवासी डॉ. विष्णु वाकणकर के नाम से जाना जाएगा।
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