विदिशा से सांसद शिवराज सिंह चौहान केंद्रीय मंत्री हैं। वे कृषि जैसा महत्वपूर्ण विभाग संभाल रहे हैं। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि खुद शिवराज एक किसान भी हैं। पिछले दिनों वे अपने फॉर्म हाउस भी गए थे। अब केंद्रीय मंत्री ने किसानों के कल्याण के लिए तकनीक से जोड़ने की बड़ी पहल शुरू की है।
रिमोट सेंसिंग से होगा फसल का आंकलन
अब फसल बीमा योजना में फसल के नुकसान का आंकलन अब रिमोट सेंसिंग के माध्यम से किया जाएगा। वहीं, बीमा कम्पनी द्वारा तय समय पर बीमा राशि नहीं देने पर 12 प्रतिशत ब्याज भी देना होगा। यह बातें केंद्रीय किसान कल्याण और कृषि विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कही है। वे सभी राज्यों से केंद्रीय बजट में कृषि से संबंधित सुझावों को लेकर बुलाई गई एक बैठक में अपनी बात रख रहे थे। शिवराज ने कहा कि फसल बीमा योजना में पहले क्रॉप कटिंग मैन्युअल से नुकसान का आकलन किया जाता था। लेकिन अब केंद्र सरकार ने फैसला किया है कि इसे अब सैटेलाइट आधारित यानी रिमोट सेंसिंग के माध्यम से किया जाए।
डायरेक्ट बेनिफट ट्रांसफर से किसानों को लाभ
सैटैलाइन आधारित तकनीकी प्रक्रिया से फसल के नुकसान का सटीक और वास्तविक आंकलन संभव होगा। वहीं प्रत्यक्ष लाभ हस्तांरण यानि डायरेक्ट बेनिफ़िट ट्रांसफ़र के माध्यम से उचित समय पर राशि हस्तांतरित की जाएगी। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अगर बीमा कंपनी क्लेम देने में देरी करेगी तो उसे क्लेम राशि पर 12% ब्याज देना होगा। केंद्र अपने हिस्से की राशि तत्काल देगा। शिवराज सिंह चौहान ने सभी राज्यों से अपील करते हुए कहा कि वह भी तत्काल पैसा देने का प्रबंध करें।
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