महाकाल मंदिर में ज्योतिर्लिंग को क्षरण रोकने के लिए मंदिर समिति ने सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित निर्णय के अनुपालन में गाइड लाइन जारी की है। समिति ने मंदिर के पुजारी, पुरोहित की जिम्मेदारी तय करते हुए कहा है कि पारंपरिक पूजन के छोड़कर शिवलिंग को हाथ से रगड़ना या घिसना पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया जाता है। श्रद्धालु भी ऐसा ना करे इसकी जिम्मेदारी पाट पर बैठने वाले पुजारी व पुरोहितों तथा उनके प्रतिनिधियों की रहेगी।आदेश का पालन नहीं करने वाले पुजारी, पुरोहितों के प्रति अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा ज्योतिर्लिंग क्षरण को रोकने के लिए पहले से ही व्यापक कदम उठाए जा रहे हैं। मंदिर समिति समय-समय पर निर्देश जारी करती रही। इस बार जिम्मेदारी तय करते हुए सख्त आदेश दिए गए हैं।
महाकाल मंदिर में ज्योतिर्लिंग को क्षरण रोकने के लिए मंदिर समिति ने सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित निर्णय के अनुपालन में गाइड लाइन जारी की है। समिति ने मंदिर के पुजारी, पुरोहित की जिम्मेदारी तय करते हुए कहा है कि पारंपरिक पूजन के छोड़कर शिवलिंग को हाथ से रगड़ना या घिसना पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया जाता है। श्रद्धालु भी ऐसा ना करे इसकी जिम्मेदारी पाट पर बैठने वाले पुजारी व पुरोहितों तथा उनके प्रतिनिधियों की रहेगी।आदेश का पालन नहीं करने वाले पुजारी, पुरोहितों के प्रति अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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