इंदौर में आज NRI फोरम की वार्षिक मीट का तीसरा संस्करण शुरू हुआ। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने दुनियाभर से भारत आए एनआरआई का स्वागत किया और कहा कि इंदौर को नई दिशा देने के लिए सभी एनआरआई एकजुट हुए हैं। महापौर ने बताया कि निवेश, समाजसेवा और संबंधों को नई मजबूती देने के लिए सरकार, प्रशासन और एनआरआई कई स्तर पर काम करेंगे।
42 देशों के एनआरआई आए
आयोजन में 42 से अधिक देशों के NRI आए हैं। इस साल यह तीसरी वार्षिक मीट है, जो 16 -17 दिसंबर 2024 को दो दिन के उत्सव के रूप में मनाई जाएगी, जिसमें व्यापार, संस्कृति और वैश्विक सहयोग के अवसर होंगे। यह दो दिवसीय उत्सव फोरम की सालभर की उपलब्धियों को भी प्रदर्शित करेगा, जिसमें निवेश के अवसरों को बढ़ावा देने से लेकर NRIs को इंदौर की परंपराओं और मूल्यों से जोड़ने वाले आयोजनों का समावेश होगा।
कई आयोजन होंगे
महापौर ने कहा इंदौरी NRI फोरम ने इंदौर और उसके वैश्विक समुदाय के बीच एक मजबूत पुल का काम किया है, जो NRIs को पूरे वर्ष अपनी जड़ों से जुड़ा रखता है। पिछले साल हमने मकर संक्रांति के दौरान, फोरम ने पतंगबाजी उत्सव आयोजित किया, जिससे NRIs को अपने घर की यादें ताजा हो गईं। रंगपंचमी के दौरान, NRIs को इंदौर के प्रसिद्ध "गैर" जुलूस में शामिल होने का अनूठा अवसर मिला, जिसमें उनके आराम और सुरक्षा के लिए विशेष ट्रक का इंतजाम किया गया।
इस साल निवेश पर मुख्य ध्यान
इस साल के व्यापार मीट का मुख्य उद्देश्य भारत में निवेश के अवसरों को प्रदर्शित करना है और यह दिखाना है कि NRIs देश के विकास में कैसे सक्रिय रूप से भाग ले सकते हैं। चर्चा में NRIs द्वारा उनके निवास देशों में देखी गई श्रेष्ठ प्रथाओं को साझा किया जाएगा, और यह बताया जाएगा कि इन प्रथाओं को इंदौर के विकास में कैसे लागू किया जा सकता है।
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