मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने एक जनवरी से ई-ऑफिस प्रणाली का शुभारंभ किया। उन्होंने इसकी शुरुआत मुख्य सचिव कार्यालय से की। वहीं ई-ऑफिस व्यवस्था को 31 जनवरी तक विभागाध्यक्ष कार्यालयों में लागू कर दिया जाएगा। इधर मुख्य सचिव कार्यालय ने भौतिक रूप से फाइल लेना बंद कर दिया है। और ई-ऑफिस व्यवस्था के जरिये फाइल ली जा रही है।
भौतिक रूप से ही आगे बढ़ाया जा रहा
धीरे-धीरे मंत्रालय में ई-ऑफिस व्यवस्था लागू हो गई है। वहीं मुख्यमंत्री कार्यालय में भी फाइलें अब ई-ऑफिस व्यवस्था के माध्यम से बढ़ाई जा रही हैं। लेकिन अभी व्यवस्था पूरी तरह नहीं बन पाई है। जो महत्वपूर्ण फाइलें हैं उन्हें भौतिक रूप से ही आगे बढ़ाया जा रहा है। हालांकि, मुख्य सचिव कार्यालय केवल ई-ऑफिस प्रणाली से आने वाली फाइलों को ही ले रहा है। वित्त विभाग भी बजट के सभी प्रस्ताव ऑनलाइन ही स्वीकार कर रहा है।
ई-ऑफिस के लिए तकनीकी सहायता
सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि, प्रशिक्षण दिए जाने के बाद भी यदि ई-ऑफिस के क्रियान्वयन में कोई परेशानी आ रही है तो तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। विभागाध्यक्षों कार्यालयों से विभाग को भेजे जाने वाले प्रस्ताव अभी भौतिक रूप से भेजे जा रहे हैं। 31 जनवरी 2025 तक वहां भी ई-ऑफिस प्रणाली लागू कर दी जाएगी। 31 मार्च तक सभी जिला कार्यालयों में यह प्रणाली लागू होगी।
Comments (0)