इंदौर में दूषित पानी की सप्लाई के मामले में सीएम डॉ.मोहन यादव ने बड़ा एक्शन लिया है। मुख्यमंत्री ने इंदौर नगर निगम आयुक्त और अपर आयुक्त को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए, साथ ही अपर आयुक्त को तत्काल इंदौर से हटाने और प्रभारी अधीक्षण यंत्री से जल वितरण कार्य विभाग का प्रभार वापस लेने के आदेश भी दिए।इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने इंदौर नगर निगम में आवश्यक पदों पर तत्काल नियुक्ति करने के निर्देश भी दिए हैं।
जांच समिति भी गठित
इससे पहले, मुख्यमंत्री ने भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से नागरिकों के संक्रमित होने की घटना को गंभीरता से लेते हुए संबंधित जोनल अधिकारी (जोन 4), सहायक यंत्री और प्रभारी सहायक यंत्री PHE को तत्काल सस्पेंड और प्रभारी उपयंत्री PHE को सेवा से बाहर कर दिया था। घटना की जांच के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की जांच समिति भी गठित की गई है।
चिकित्सा सुविधा निशुल्क प्रदान करने के निर्देश
प्रशासन ने प्रभावित इलाके में युद्धस्तर पर राहत कार्य शुरू कर दिया है। अब तक क्षेत्र के 40 हजार से अधिक नागरिकों की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग की जा चुकी है। कुल 272 मरीज भर्ती हुए, जिनमें से 71 को छुट्टी दी जा चुकी है। वर्तमान में 201 मरीज भर्ती हैं, जिनमें से 32 ICU में हैं। MY अस्पताल में भर्ती सभी मरीजों को उत्कृष्ट चिकित्सा सुविधा निशुल्क प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं।
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