रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रश्नकाल में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क और विकास योजना के तहत स्वीकृत सड़क निर्माण कार्य में देरी का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया गया। विधायक किरण देव सिंह ने इस मामले को सदन में रखते हुए सरकार से कार्य की वर्तमान स्थिति और खर्च की जानकारी मांगी।
प्रश्न के जवाब में मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि सड़क निर्माण की स्वीकृति 1 जनवरी 2023 को दी गई थी और 30 जनवरी 2023 को इसका टेंडर जारी किया गया था। हालांकि क्षेत्र के घोर नक्सल प्रभावित होने के कारण विस्तृत सर्वे समय पर नहीं हो पाया, जिसकी वजह से नाली निर्माण सहित कई कार्य शुरू नहीं हो सके।
मंत्री ने जानकारी दी कि लगभग 18 किलोमीटर सड़क निर्माण का कार्य प्रस्तावित है और अब तक करीब 8 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इसके अलावा डीएमएफ (जिला खनिज न्यास) की राशि से भी इस परियोजना को चिन्हांकित किया गया है और करीब 5 करोड़ 29 लाख रुपये की स्वीकृति भी मिली है। उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि इसी वर्ष के भीतर कार्य को पूरा कर लिया जाए।
विधायक किरण देव सिंह ने कहा कि टेंडर को विभाजित कर केवल मिट्टी डालने और पुलिया निर्माण का काम किया गया था, लेकिन आगे का कार्य नहीं होने के कारण वर्षा में पहले साल किया गया काम खराब हो गया। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र ऐसा है जहां सड़क की सबसे ज्यादा जरूरत है, इसलिए कार्य की मॉनिटरिंग के लिए अधिकारियों की एक टीम गठित की जानी चाहिए।
इस पर मंत्री केदार कश्यप ने सदन को आश्वस्त करते हुए कहा कि लंबे समय से इस सड़क के निर्माण का इंतजार किया जा रहा है और नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने की वजह से काम में देरी हुई है। उन्होंने कहा कि आने वाले 20 दिनों के भीतर उच्च स्तर के अधिकारी मौके पर जाकर निरीक्षण करेंगे और कार्य की प्रगति की समीक्षा करेंगे।
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