पश्चिम बंगाल के डायमंड हार्बर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले फलता इलाके में मतदान प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। मामले ने तूल तब पकड़ा जब मुख्यमंत्री Mamata Banerjee द्वारा टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान के समर्थन को लेकर विपक्ष ने सवाल खड़े किए।
मतदान केंद्रों पर छेड़छाड़ के आरोप
स्थानीय स्तर पर यह दावा किया जा रहा है कि कुछ मतदान केंद्रों में एक विशेष पार्टी के विकल्प को कथित रूप से ढक दिया गया, जिससे मतदाताओं को अपनी पसंद का वोट देने में बाधा उत्पन्न हुई। इन आरोपों के बाद चुनावी पारदर्शिता पर चिंता जताई जा रही है।
‘डायमंड हार्बर मॉडल’ पर विपक्ष का हमला
विपक्षी दलों ने इस पूरे घटनाक्रम को “डायमंड हार्बर मॉडल” का नाम देते हुए आरोप लगाया है कि इसी रणनीति के सहारे पहले भी अभिषेक बनर्जी को चुनावी लाभ मिला था। हालांकि, इन आरोपों पर सत्तारूढ़ दल की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
रीपोल की मांग तेज
घटना के बाद विपक्ष ने चुनाव आयोग से प्रभावित बूथों पर दोबारा मतदान कराने की मांग की है। जिन बूथों का जिक्र किया गया है, उनमें फलता 144, पार्ट 170, हरिंदंगा हाई स्कूल का कमरा नंबर 2 और बूथ संख्या 189 शामिल हैं। इसके अलावा भी कई अन्य बूथों के प्रभावित होने की बात कही जा रही है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
इस पूरे मामले पर अब सबकी नजर चुनाव आयोग और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित बूथों पर पुनर्मतदान की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।