हावड़ा/कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच हावड़ा जिले के उदय नारायणपुर में एक दुखद घटना सामने आई है। यहाँ मतदान करने आए एक बुजुर्ग मतदाता की मौत हो गई है, जिसका आरोप सीधा केंद्रीय सुरक्षा बलों (Central Forces) पर लगा है। इस घटना के बाद इलाके में भारी तनाव है और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने चुनाव आयोग के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की है।
क्या है पूरा मामला?
मृतक की पहचान पूर्णचंद्र दलुई के रूप में हुई है, जो उदय नारायणपुर विधानसभा के कुरीत गांव के रहने वाले थे। वह गांव के 245 नंबर बूथ (बलरामपुर प्राथमिक विद्यालय) के मतदाता थे। जानकारी के अनुसार, पूर्णचंद्र बाबू शारीरिक रूप से काफी कमजोर थे और बिना सहारे के चल नहीं पाते थे। बुधवार को वह अपने बेटे तरणी दलुई के साथ वोट डालने पहुंचे थे।
परिजनों का गंभीर आरोप
बेटे तरणी का आरोप है कि उन्होंने जवानों से विनती की थी कि वह अपने पिता को सहारा देकर बूथ के अंदर तक ले जाएं, क्योंकि वे अकेले चलने में असमर्थ थे। लेकिन केंद्रीय बलों ने उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी। आरोप है कि जब तीसरी बार उन्होंने फिर से गुहार लगाई, तो जवानों ने कथित तौर पर पूर्णचंद्र बाबू को धक्का दे दिया। धक्के के कारण पिता-पुत्र दोनों जमीन पर गिर पड़े।
अस्पताल में घोषित किया गया मृत
बुजुर्ग की तबीयत बिगड़ते देख उन्हें तुरंत आमता ग्रामीण अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों का कहना है कि अगर जवानों ने संवेदनशीलता दिखाई होती, तो उनके पिता की जान नहीं जाती।
TMC उम्मीदवार ने साधा निशाना
उदय नारायणपुर से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार समीर पांजा ने इस घटना पर तीव्र आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने कहा, “यह अत्यंत निंदनीय और दुखद घटना है। एक बुजुर्ग मतदाता, जो अपना लोकतांत्रिक अधिकार प्रयोग करने आया था, उसे सुरक्षा बलों ने प्रताड़ित किया। उनकी मौत का जिम्मेदार कौन है? हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं।चुनाव आयोग ने स्थानीय प्रशासन से इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।