कृष्णनगर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में मतदान के दौरान चौंकाने वाली स्थिति सामने आई, जब चुनावी ड्यूटी में लगी गाड़ियों के चालकों को अपने ही वोट पहले से डाले हुए मिले। ये वाहन बीडीओ कार्यालय के जरिए चुनाव कार्य के लिए लगाए गए थे। जब चालक अपने-अपने बूथ पर पहुंचे, तो उन्हें बताया गया कि उनका वोट पहले ही रिकॉर्ड हो चुका है, जिससे इलाके में तनाव फैल गया।
नेशनल हाईवे पर विरोध प्रदर्शन
घटना से नाराज़ चालकों ने राष्ट्रीय राजमार्ग 12 पर जाम लगाकर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनके मताधिकार का हनन हुआ है और वे जानना चाहते हैं कि आखिर उनके नाम पर वोट किसने डाला। स्थिति कुछ समय के लिए नियंत्रण से बाहर होती दिखी, जिससे आम राहगीरों और वोटरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
दोबारा मतदान की मांग, प्रशासन पर आरोप
प्रदर्शन कर रहे चालकों ने तुरंत पुनः मतदान की व्यवस्था करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे गंभीर कदम उठाने को मजबूर होंगे। मौके पर पहुंचे भाजपा प्रत्याशी साधन घोष ने पूरे मामले के लिए स्थानीय प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया और निष्पक्ष जांच की मांग की।
पूर्व सांसद ने भी उठाए सवाल
इस बीच डॉ. तरुण मंडल, जो जयनगर से पूर्व सांसद रह चुके हैं, ने भी चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए। उनका आरोप है कि वे घर पर मौजूद होने के बावजूद मतदान नहीं कर सके, क्योंकि मतदाता सूची में उनका नाम शामिल नहीं था। उन्होंने चुनाव आयोग और संबंधित ट्राइब्यूनल पर लापरवाही का आरोप लगाया।
मतदाता सूची में गड़बड़ी का मुद्दा गरमाया
डॉ. मंडल ने बताया कि हाल ही में जारी अतिरिक्त सूची में भी उनका नाम शामिल नहीं किया गया। वे दक्षिण हावड़ा विधानसभा के मतदाता हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने मतदाता सूची की पारदर्शिता और चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।