मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी पीने से होने वाली मौतों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वहीं, सैंकड़ों लोग अभी भी अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूरे प्रदेश में पानी वितरण की मॉनिटरिंग को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने सभी नगरीय निकायों को तत्काल जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
मासिक रिपोर्ट और ऑनलाइन मॉनिटरिंग अनिवार्य
- मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि जल प्रदाय के तहत पानी की शुद्धता की नियमित जांच हो।
- लापरवाही मिलने पर सख्त कार्रवाई होगी।
- अधिकारियों को हर महीने सैंपल रिपोर्ट स्थानीय निकाय को भेजनी होगी।
- नगरीय प्रशासन विभाग को ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार करने के लिए कहा गया है।
मौतों का आंकड़ा
- इंदौर में दूषित पानी के कारण अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि, सरकारी आंकड़ों में अभी केवल 4 मौतें दर्ज हैं।
- कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मीडिया से बातचीत में बताया कि चार मौतों की सरकारी पुष्टि हुई है।
- लोगों से अतिरिक्त जानकारी जुटाई जा रही है।
दूषित पानी में हैजा फैलाने वाला जीवाणु
- पानी की जांच में हैजा फैलाने वाला घातक जीवाणु पाया गया है।
- मरीजों की कल्चर रिपोर्ट में हैजा की आशंका जताई जा रही है।
- अस्पताल में भर्ती मरीजों को डॉक्सीसाइक्लिन जैसी दवा के माध्यम से इलाज दिया जा रहा है।
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