छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए नई पहल शुरू करने जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय गुरुवार को मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 का शुभारंभ करेंगे। इस योजना के माध्यम से राज्य के निम्न और मध्यम आय वर्ग के परिवारों तथा कृषि उपभोक्ताओं को बिजली बिल के बकाया भुगतान में राहत देने का प्रयास किया गया है।
तीन श्रेणियों के उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक भीम सिंह कमर ने बताया कि योजना का लाभ तीन श्रेणियों के उपभोक्ताओं को मिलेगा
पहली श्रेणी: वे उपभोक्ता जिनके बिजली कनेक्शन 31 मार्च 2023 की स्थिति में निष्क्रिय हो चुके हैं।
दूसरी श्रेणी: सक्रिय एकल बत्ती कनेक्शन वाले उपभोक्ता।
तीसरी श्रेणी: सक्रिय अशासकीय घरेलू और कृषि उपभोक्ता।
सरकार का उद्देश्य अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को अपने पुराने बिजली बिलों का भुगतान करने और बिजली वितरण व्यवस्था को व्यवस्थित बनाने के लिए प्रोत्साहित करना है।
अधिभार में पूरी छूट और मूल राशि में भी राहत
योजना के तहत उपभोक्ताओं को बकाया बिजली बिल जमा करने पर विशेष प्रोत्साहन मिलेगा। इसमें अधिभार की राशि में 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी। इसके अलावा कई मामलों में मूल बकाया राशि में भी 75 प्रतिशत तक छूट मिलेगी, जिससे लंबे समय से बकाया बिल से परेशान उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी।
पंजीयन कराना अनिवार्य
योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं को पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। पंजीकरण के समय बकाया राशि का कम से कम 10 प्रतिशत भुगतान करना होगा। पंजीकरण के बाद शेष राशि किश्तों में जमा की जा सकेगी, और किश्तों पर अगले महीने किसी भी प्रकार का अतिरिक्त अधिभार नहीं लगेगा।
30 जून 2026 तक लागू
सरकार के अनुसार यह योजना 30 जून 2026 तक प्रभावी रहेगी। इस अवधि के दौरान पात्र उपभोक्ता पंजीकरण कर लाभ उठा सकते हैं। राज्य सरकार का मानना है कि इस योजना से बड़ी संख्या में उपभोक्ता लाभान्वित होंगे और बिजली वितरण व्यवस्था मजबूत होगी।
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