जबलपुर के पास बरगी डैम के बैकवॉटर में 30 अप्रैल 2026 की शाम करीब 6 बजे बड़ा हादसा हुआ। क्रूज में 29 पर्यटक और 2 क्रू मेंबर सवार थे, जबकि कुछ छोटे बच्चे भी मौजूद थे जिनका आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं था। अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है और 24 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है।
मुश्किल हालात में सेना ने संभाली कमान
जब स्थानीय प्रशासन के संसाधन कम पड़ने लगे, तब Indian Army ने मोर्चा संभाला। आगरा से बुलाए गए सेना के गोताखोरों और विशेषज्ञों ने रातों-रात रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
500 मीटर रास्ता बनाकर रचा इतिहास
दुर्गम और चट्टानी इलाके में जहां सामान्य आवाजाही भी मुश्किल थी, वहां सेना ने जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से करीब 500 मीटर लंबा कच्चा रास्ता तैयार किया। इस रास्ते के जरिए भारी उपकरणों को मौके तक पहुंचाया गया, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन संभव हो सका।
आधुनिक तकनीक से निकाला गया क्रूज
- रेस्क्यू टीम अपने साथ अत्याधुनिक उपकरण लेकर पहुंची थी, जिनमें अंडरवाटर ड्रोन और गैस कटर शामिल थे।
- गहरे पानी और बड़े पत्थरों की बाधाओं के बीच ऑपरेशन चलाकर क्रूज को बाहर निकाला गया।
लापरवाही पर सरकार का एक्शन
- हादसे के बाद सीएम डॉ. मोहन यादव ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
- क्रूज से जुड़े कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त
- संबंधित अधिकारियों को निलंबित किया गया
- मामले की विभागीय जांच शुरू
वायरल वीडियो से खुली सच्चाई
- हादसे के बाद सामने आए वीडियो में सुरक्षा में बड़ी चूक दिखी।
- कई पर्यटक बिना लाइफ जैकेट के नजर आए
- खराब मौसम के दौरान देर से जैकेट दी गई
- बचे हुए यात्रियों ने भी लापरवाही की पुष्टि की
यह हादसा सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गंभीरता को दिखाता है, वहीं Indian Army के साहस और त्वरित कार्रवाई ने कई जिंदगियां बचाने में अहम भूमिका निभाई।