मध्य प्रदेश में बीजेपी एक ओर सत्ता और संगठन में नई नियुक्तियों की तैयारी कर रही है, वहीं दूसरी ओर नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को व्यवस्थित प्रशिक्षण देने पर जोर बढ़ा दिया गया है। इन प्रशिक्षण वर्गों में पार्टी की विचारधारा, इतिहास, वर्तमान चुनौतियों और तकनीकी दक्षता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मोबाइल रहेगा पूरी तरह बैन
- जिला स्तर पर आयोजित प्रशिक्षण वर्गों में सख्त नियम लागू किए गए हैं। प्रतिभागियों को मोबाइल फोन साथ रखने की अनुमति नहीं होगी। व्यवस्था बिल्कुल प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे NEET और UPSC Civil Services Examination की तरह होगी।
- प्रशिक्षण स्थल पर मोबाइल काउंटर बनाया जाएगा
- टोकन सिस्टम के जरिए मोबाइल जमा कराए जाएंगे
प्रशिक्षण के बाद होगी परीक्षा
- अब केवल ट्रेनिंग ही नहीं, बल्कि उसके बाद परीक्षा भी ली जाएगी।
- प्रतिभागियों को पोस्ट टेस्ट देना अनिवार्य होगा
- प्रशिक्षण में दी गई जानकारी से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे
- यह परखा जाएगा कि किसने कितना सीखा और क्या याद रखा
उद्देश्य: मजबूत और दक्ष संगठन
इस पहल का मुख्य उद्देश्य पार्टी संगठन को अधिक अनुशासित, जागरूक और तकनीकी रूप से सक्षम बनाना है, ताकि बदलते राजनीतिक परिदृश्य में कार्यकर्ता बेहतर प्रदर्शन कर सकें।