राजधानी रायपुर में पुलिस ने सूने मकानों को निशाना बनाने वाले अंतर्राज्यीय चोरी गिरोह का पर्दाफाश किया है। साइबर सेल, थाना सरस्वती नगर और थाना कबीर नगर की संयुक्त टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम देते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पहले रेकी, फिर सुनियोजित चोरी
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी पहले बंद और सुनसान मकानों की पहचान करते थे। इसके बाद लोहे की रॉड, सब्बल और छैनी की मदद से ताला तोड़कर बड़ी सफाई से चोरी की वारदात को अंजाम देते थे।
चोरी का माल ज्वेलर को बेचते थे आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों में विक्की वर्मा और दुर्गेश निर्मलकर चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे। वहीं चोरी किए गए जेवर और सामान को खपाने के लिए वे ज्वेलर राजेश डुमरे को बेचते थे। पुलिस ने ज्वेलर को भी इस मामले में आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया है।
नकदी, जेवर और औजार बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से नकदी रकम, चोरी में इस्तेमाल किए गए औजार और सोने-चांदी के जेवर जब्त किए हैं। बरामद सामान की कुल कीमत करीब 1 लाख 80 हजार रुपये से अधिक बताई जा रही है।
नागपुर से आते थे, वारदात के बाद हो जाते थे फरार
पूछताछ में खुलासा हुआ है कि सभी आरोपी नागपुर के निवासी हैं। वे रायपुर सहित अन्य शहरों में चोरी करने के बाद वापस नागपुर फरार हो जाते थे।
कई शहरों में फैला था गिरोह का नेटवर्क
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह ने रायपुर के अलावा राजनांदगांव, दुर्ग और नागपुर में भी कई चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है। फिलहाल पुलिस आरोपियों के अन्य आपराधिक रिकॉर्ड और नेटवर्क की जांच में जुटी है।