भोपाल। कांग्रेस नेता बार-बार ये कहते हैं कि पार्टी और संगठन में किसी तरह का अंदरूनी टकराव नहीं है। लेकिन फिर कुछ ऐसा हो जाता है कि कांग्रेस के भीतर की अनबन खुलकर सामने आ जाती है। ऐसा ही नज़ारा कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग की प्रदेश कार्यकारिणी और जिला अध्यक्षों की बैठक में दिखाई दिया। जब पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी को मंच से कटाक्ष किया। इस दौरान उन्होंने संगठन में नियुक्तियों और सामाजिक प्रतिनिधित्व को लेकर सवाल उठाए।
दिग्विजय सिंह का मंच से तंज
दिग्विजय सिंह ने कहा, कि “आप सदस्यों की नियुक्तियां कर दीजिए, केसी वेणुगोपाल से तो आप जो चाहे लिखवाकर ले आओगे। जितने आप उन्हें प्रिय हैं, उतना कोई और नहीं है। आपका कहा कोई टालता है क्या। यहां राजेंद्र गौतम जी बैठे हैं उन्होंने आपकी बात कभी टाली है क्या। आपकी जो पकड़ एआईसीसी में है उतनी हम लोगों की नहीं है। इसलिए इन लोगों को जोड़ दो।” दरअसल पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का कहना था कि उन्हें पता चला है कि मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी में वाल्मीकि और बसोड़ समाज का प्रतिनिधित्व नहीं है। आप इन समाजों के लोगों की नियुक्तियां कर दीजिए। पार्टी में समान प्रतिनिधित्व और नियुक्तियों पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
जीतू पटवारी का जवाब
इस पर जीतू पटवारी ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया,मैं आपका ही चेला हूं।”इसके प्रत्युत्तर में दिग्विजय सिंह ने व्यंग्यपूर्ण अंदाज में कहा,“मेरे चेले हो, लेकिन गुरु रह गया गुड़ और चेला बन गया शक्कर।” इस संवाद ने कांग्रेस में अंदरूनी मतभेद और संगठनात्मक निर्णयों पर चल रही चर्चाओं को फिर से हवा दी।
अंदरूनी विवादों की झलक
यह घटना एक बार फिर यह दिखाती है कि कांग्रेस के भीतर संगठनात्मक असहमति और पक्षपात की चर्चाएं पूरी तरह शांत नहीं हुई हैं। इससे पहले दिग्विजय सिंह और कमलनाथ के बीच भी खुले मंच से कटाक्ष के वीडियो चर्चाओं रह चुके हैं। अब दिग्विजय सिंह ने एक बार फिर मंच से पार्टी संगठन पर सवाल उठाकर पार्टी में सुधार की आवश्यकता की ओर इशारा किया। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर कांग्रेस के भीतर आपसी असहमतियों और अनबन की खबरों को हवा दे दी है।