मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार श्रमिकों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए समर्पित है। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर श्रमिक बन्धुओं को बधाई देते हुए कहा है कि राज्य शासन श्रमिकों की गरिमा का पूरा सम्मान करती है। श्रमिकों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं बनाई गई है.
संबल योजना में अब तक 1.80 करोड़ से अधिक असंगठित श्रमिकों का पंजीयन किया गया है। अब तक 8 लाख से अधिक प्रकरणों में ₹7720.07 करोड़ की सहायता दी गई है। संबल योजना में अब गिग वर्कर्स भी शामिल किए गए है। श्रमिक हितैषी प्रावधानो में DBT एवं बैंक/चेक से वेतन भुगतान द्वारा पारदर्शी और सुरक्षित व्यवस्था की गई है।
14 वर्ष तक के बाल श्रम पर पूर्ण प्रतिबंध
240 दिवस कार्य करने पर सवैतनिक अवकाश की सुविधा के स्थान पर 180 दिन का एवं सेवानिवृत्ति आयु 58 से बढ़ाकर 60 वर्ष हुई। ई-श्रम पोर्टल के माध्यम से 1.93 करोड़ से ज्यादा श्रमिक पंजीकृत हैँ। श्रमिक संरक्षण के अंतर्गत 14 वर्ष तक के बाल श्रम पर पूर्ण प्रतिबंध तथा 18 वर्ष तक खतरनाक उद्योगों में कार्य पर रोक लगाई गई है। श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा एवं कौशल विकास पर ध्यान दिया जा रहा है। श्रमोदय आवासीय विद्यालयों में निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, JEE/NEET एवं रक्षा सेवाओं में चयन के अवसर दिए गए हैँ।
बच्चों की शिक्षा को प्रोत्साहन दिया जा रहा
श्रमोदय विद्यालय में निःशुल्क तकनीकी प्रशिक्षण एवं आवास, रियायती दर पर भोजन की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री जनकल्याण शिक्षा प्रोत्साहन योजना में उच्च शिक्षा हेतु शैक्षणिक शुल्क की व्यवस्था की गई है। विभिन्न योजनाओं के तहत आर्थिक सहायता, आवास एवं स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ दिया जा रहा है। श्रमिकों के लिए विश्राम गृह/रैन बसेरा तथा बच्चों की शिक्षा को प्रोत्साहन दिया जा रहा है।