भोपाल। मध्यप्रदेश में भीषण गर्मी के बीच गुरुवार को मौसम ने अचानक करवट ली। प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि हुई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को गर्मी से राहत मिली। हालांकि इस बदले मौसम ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी, क्योंकि कई जगह खुले में रखा गेहूं भीग गया।
भोपाल में आधे घंटे तेज बारिश, कई जिलों में ओले
राजधानी भोपाल में दोपहर बाद करीब आधे घंटे तक तेज बारिश हुई। वहीं टीकमगढ़ में 15-20 मिनट तक ओलावृष्टि दर्ज की गई। सतना, सागर, रायसेन, बालाघाट, ग्वालियर समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हुई।
टीकमगढ़ में कंट्रोल रूम पर गिरा टावर, श्योपुर में 15 घायल
तेज आंधी-तूफान के चलते टीकमगढ़ में कंट्रोल रूम पर टावर गिर गया, हालांकि बड़ा हादसा टल गया। श्योपुर में होटल के DJ शेड के उड़ने से करीब 15 लोग घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।
तापमान में गिरावट, लेकिन कई शहरों में 40°C के पार
खरगोन में 42.6°C, रायसेन में 42°C और बैतूल में 41.5°C तापमान दर्ज किया गया। वहीं भोपाल, इंदौर और उज्जैन में भी पारा 40°C के आसपास रहा। बारिश के चलते कई इलाकों में तापमान में 2-3 डिग्री की गिरावट आई।
27 जिलों में अलर्ट, अगले कुछ दिन ऐसा ही रहेगा मौसम
मौसम विभाग ने ग्वालियर-चंबल, बुंदेलखंड और महाकौशल के 27 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। वैज्ञानिकों के अनुसार साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन सक्रिय होने के कारण अगले कुछ दिनों तक मौसम ऐसा ही बना रह सकता है।
किसानों की बढ़ी चिंता
बारिश और ओलावृष्टि से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं मंडियों और उपार्जन केंद्रों में खुले में रखा गेहूं भीगने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है।