डॉ. मोहन यादव ने किसानों को राहत देते हुए गेहूं उपार्जन और स्लॉट बुकिंग की तारीख 9 मई से बढ़ाकर 23 मई कर दी है। इस फैसले से किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है।
उपार्जन केंद्रों पर सख्त व्यवस्था के निर्देश
मुख्यमंत्री ने सभी गेहूं उपार्जन केंद्रों पर व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी तरह की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।
किसानों के लिए सभी जरूरी सुविधाएं
- उपार्जन केंद्रों पर किसानों की सुविधा के लिए कई व्यवस्थाएं की गई हैं, जिनमें शामिल हैं:
- पीने के पानी की व्यवस्था
- छायादार बैठने की सुविधा
- शौचालय की व्यवस्था
- तौल और गुणवत्ता जांच की सुविधा
- एफएक्यू मानकों में दी गई ढील
- गेहूं की खरीद में एफएक्यू (FAQ) मानकों में शिथिलता दी गई है, जिससे अधिक किसानों की उपज खरीदी जा सकेगी और उन्हें राहत मिलेगी।
समर्थन मूल्य और बोनस की घोषणा
सरकार किसानों से गेहूं की खरीद ₹2585 प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य पर कर रही है। इसके साथ राज्य सरकार ₹40 प्रति क्विंटल बोनस भी दे रही है, जिससे कुल दर ₹2625 प्रति क्विंटल हो जाती है।
उपार्जन केंद्रों का होगा निरीक्षण
मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिया है कि वे उपार्जन केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण कर सकते हैं ताकि व्यवस्था की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।
पारदर्शी और समयबद्ध प्रक्रिया पर जोर
सरकार ने स्पष्ट किया है कि पूरी उपार्जन प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध होगी, जिससे किसानों को समय पर भुगतान मिल सके।