वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ा उछाल देखने को मिला है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच कीमत $120 प्रति बैरल तक पहुंच गई है, जो पिछले चार साल का उच्चतम स्तर है। इस तेजी ने दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं पर दबाव बढ़ा दिया है।
ईरान का तंज—अगला पड़ाव $140!
तेल कीमतों में उछाल के बीच ईरान ने बयान देते हुए संकेत दिया है कि आने वाले समय में कच्चा तेल $140 प्रति बैरल तक पहुंच सकता है। इससे वैश्विक बाजार में और अनिश्चितता बढ़ गई है।
पेट्रोल-डीजल पर तेल कंपनियों को भारी नुकसान
भारत में तेल कंपनियां फिलहाल उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए नुकसान झेल रही हैं।
- पेट्रोल पर करीब 14 रुपए प्रति लीटर का घाटा
- डीजल पर करीब 18 रुपए प्रति लीटर का नुकसान
कीमतें नहीं बढ़ाने के कारण कंपनियों पर आर्थिक दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
रसोई गैस पर भी बढ़ा बोझ
कच्चे तेल की कीमत बढ़ने का असर रसोई गैस (LPG) पर भी पड़ा है। अनुमान है कि सरकार पर करीब 80,000 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है, जिससे सब्सिडी का भार बढ़ेगा।
आम जनता पर बढ़ सकती है महंगाई की मार
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल और गैस सिलेंडर के दाम बढ़ सकते हैं। इसका सीधा असर महंगाई और आम लोगों के बजट पर पड़ेगा।