कोलकाता: राज्य की नई सरकार मे विभागो के बंटवारे के बाद कारिगरी शिक्षा (तकनीकी शिक्षा) विभाग की जिम्मेदारी मंत्री जगन्नाथ चटर्जी को सौंपी गई है। उच्च शिक्षा विभाग के साथ-साथ अब वे तकनीकी शिक्षा विभाग का भी कार्यभार संभाल रहे हैं। जिम्मेदारी संभालते ही राज्य सरकार ने युवाओं के रोजगार को प्राथमिकता देते हुए बड़ा कदम उठाया है।
51 सरकारी ITI के आधुनिकीकरण की योजना
राज्य सरकार ने प्रदेश के 51 सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) के आधुनिकीकरण का फैसला किया है। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को आधुनिक तकनीक और उद्योगो की वर्तमान जरूरतो के अनुरूप प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है, ताकि वे रोजगार के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सके।
PPP मॉडल पर होगा विकास
सरकार इन ITI संस्थानो के विकास के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल अपनाने जा रही है। इसके तहत विभिन्न उद्योगों और औद्योगिक संगठनों के साथ मिलकर प्रशिक्षण व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। इससे छात्रों को उद्योग जगत से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा।
आधुनिक मशीनो पर मिलेगा प्रशिक्षण
नई योजना के तहत छात्रो को अत्याधुनिक मशीनो और आधुनिक तकनीकी उपकरणो पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि केवल सैद्धांतिक शिक्षा के बजाय हाथो-हाथ प्रशिक्षण युवाओ के कौशल विकास में अधिक प्रभावी साबित होगा।
रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद
सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से ITI छात्रो की रोजगार क्षमता मे उल्लेखनीय वृद्धि होगी। कोर्स पूरा करने के बाद छात्रों को उद्योगों में नौकरी के बेहतर अवसर मिल सकेंगे, जिससे राज्य के युवा-युवतियों के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। तकनीकी शिक्षा और उद्योगो के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर राज्य सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा मे आगे बढ़ रही है।