लखनऊ को जल्द ही एक बड़ी टेक्नोलॉजी पहचान मिलने वाली है। शहर में पहली एआई (Artificial Intelligence) सिटी विकसित की जाएगी, जिसके लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। यह परियोजना वृंदावन योजना के सेक्टर-15 में विकसित की जाएगी।
आवास विकास बोर्ड से मिली मंजूरी
इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद ने मंजूरी दे दी है। इसके तहत करीब 12 एकड़ जमीन पर एआई सिटी विकसित की जाएगी, जिसमें आधुनिक सुविधाओं से लैस इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होगा।
एआई सिटी के साथ बनेगा बिजनेस पार्क
परियोजना के तहत एआई सिटी के साथ एक आधुनिक बिजनेस पार्क भी विकसित किया जाएगा। इसका उद्देश्य आईटी कंपनियों, स्टार्टअप्स और निवेशकों को आकर्षित करना है, जिससे क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के साथ मिलकर होगा विकास
इस प्रोजेक्ट को उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के सहयोग से तैयार किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य लखनऊ को टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का प्रमुख केंद्र बनाना है।
PPP मॉडल पर बनेगा प्रोजेक्ट, RFP से होगा चयन
एआई सिटी का निर्माण पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर किया जाएगा। इसके लिए निजी कंपनियों का चयन RFP (Request for Proposal) प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा।
368 करोड़ की जमीन, 45 साल की लीज
परियोजना के लिए तय जमीन की अनुमानित कीमत करीब 368 करोड़ रुपये है। इस जमीन को 45 साल की लीज पर दिया जाएगा, जिससे निजी निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
आय में 40% हिस्सेदारी सरकार की
इस प्रोजेक्ट से होने वाली आय में उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद को 40% हिस्सेदारी मिलेगी, जिससे सरकारी राजस्व में बढ़ोतरी होगी।
3 साल में पूरा करने का लक्ष्य
सरकार ने इस परियोजना को 3 साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इसके पूरा होने पर लखनऊ में आईटी सेक्टर को नई रफ्तार मिलेगी।
4173 करोड़ का बजट पास
आवास विकास परिषद ने 4173.66 करोड़ रुपये का बजट पास किया है, जिसमें नई जमीन खरीद के लिए 1927 करोड़ रुपये का प्रावधान शामिल है।