बेहाला: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे और अंतिम चरण के मतदान के तुरंत बाद बेहाला में 29-30 अप्रैल की रात हिंसा भड़क उठी। इलाके में तनाव का माहौल बन गया, जहां तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने एक-दूसरे पर हमले और साजिश के गंभीर आरोप लगाए हैं।
TMC नेताओं पर हमले का आरोप
घटना बेहाला के वार्ड 129, रवींद्रनगर रामकृष्ण पल्ली इलाके की बताई जा रही है, जहां TMC समर्थकों का आरोप है कि BJP कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला किया। स्थानीय स्तर पर इस घटना ने राजनीतिक माहौल को और अधिक गर्म कर दिया है।
लोहे की रॉड और डंडों से पिटाई, नेता घायल
हिंसा के दौरान एक TMC नेता और पूर्व पार्षद को कथित तौर पर लोहे की रॉड और बांस के डंडों से बेरहमी से पीटा गया। हमले में उनके सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए ले जाया गया।
रत्ना चटर्जी का आरोप—हार के डर से हिंसा
बेहाला पश्चिम से विधायक रत्ना चटर्जी ने घायल नेता से मुलाकात की। उन्होंने BJP पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव में हार की आशंका के कारण उनके कार्यकर्ताओं ने हिंसा का रास्ता अपनाया है।
EVM पर छेड़छाड़ और हैकिंग के आरोप
चुनाव के दौरान राज्य के कई हिस्सों से EVM में गड़बड़ी और छेड़छाड़ के आरोप भी सामने आए। खासकर दक्षिण 24 परगना में BJP ने आरोप लगाया कि TMC ने मशीनों में उनके चुनाव चिन्ह को टेप से ढकने की कोशिश की। इस मामले में चुनाव आयोग से शिकायत भी की गई है।
पहले भी हिंसा और तोड़फोड़ के आरोप
बेहाला में यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले 5 अप्रैल को परनाश्री इलाके में BJP के चुनावी दफ्तर में तोड़फोड़ का आरोप TMC पर लगा था, जिससे राजनीतिक तनाव पहले से ही बना हुआ था।
जनवरी में भी भड़की थी हिंसा
इसी साल 25 जनवरी को साखेरबाजार इलाके में भी झड़प हुई थी, जब BJP नेता बिप्लब कुमार देब की सभा के बाद कार्यक्रम स्थल को आग के हवाले कर दिया गया था।
चुनाव आयोग ने मांगी रिपोर्ट
पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए चुनाव आयोग ने राज्य में हुई हिंसा और गड़बड़ियों पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। आयोग की नजर अब पूरे मामले पर बनी हुई है।