श्रीनगर । जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज कुमार सिन्हा ने ‘100 दिवसीय नशामुक्त भारत अभियान’ को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि देश में नशे की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है और इसे खत्म करने के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
नशा और आतंकवाद का संबंध
उपराज्यपाल ने कहा कि नशा तस्करी केवल सामाजिक समस्या नहीं, बल्कि इसका आतंकवाद से भी सीधा संबंध है। उन्होंने बताया कि युवाओं में बढ़ती नशे की लत बेहद चिंताजनक है और इसे रोकने के लिए सख्त कदम जरूरी हैं।
100 दिवसीय अभियान की शुरुआत
मनोज सिन्हा ने बताया कि प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए नशामुक्त भारत अभियान को और तेज करने के लिए यह 100 दिवसीय विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य ड्रग सप्लाई चेन को तोड़ना, जागरूकता फैलाना और पीड़ितों को उपचार उपलब्ध कराना है।
कड़े कदम और निगरानी
उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत दवा दुकानों की जांच की जा रही है और अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई हो रही है। साथ ही नशा मुक्ति केंद्रों को मजबूत किया जा रहा है ताकि बेहतर इलाज मिल सके।
पुनर्वास और ट्रैकिंग व्यवस्था
सरकार नशे से बाहर आए लोगों के लिए पुनर्वास योजना पर भी काम कर रही है। इसके तहत उन्हें लंबे समय तक ट्रैक कर समाज में फिर से स्थापित करने की कोशिश की जाएगी।
जनसहभागिता पर जोर
उपराज्यपाल ने कहा कि इस अभियान की सफलता जनता के सहयोग पर निर्भर है। इसी क्रम में 3 तारीख को लाल चौक से पदयात्रा निकाली जाएगी और लोगों से इसमें जुड़ने की अपील की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि इस अभियान को कश्मीर के हर जिले और पंचायत तक पहुंचाया जाएगा।